भारतीय सेना का आधुनिकीकरण शुरू । हथियारों की खरीद-फरोख्त को जारी हुए टेंडर्स

भारतीय सेना ने विशेष बलों को और ज्यादा सशक्त बनाने के लिए कमर कस ली है. इसके लंबित पड़ी सेना के आधुनिकीकरण से जुड़ी खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है. रक्षा मंत्रालय ने असाल्ट राइफल्स, स्नाइपर राइफल्स, सामान्य मशीन गन्स, हल्के रॉकेट लॉन्चर्स, शॉटगन्स, पिस्टल्स, नाइट विजन डिवाइस और गोला बारूद जैसे सैन्य हथियारों की खरीद-फरोख्त के उद्देश्य से इनसे संबंधित कंपनियों का चुनाव करने के लिए सात टेंडर्स निकाले हैं.

खरीद प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, एक अलग परियोजना के तहत, 120 लाइट स्ट्राइक व्हीकल्स की खरीददारी के लिए ट्रायल चल रहे हैं। इन व्हीकल्स को स्पेशल फोर्सेज के लिए हेलिकॉप्टरों के जरिए ले जाया जा सकेगा.

इससे पहले भारत सरकार ने कई आपातकालीन सौदों के तहत थल सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये के गोला बारूद और अन्य कलपुर्जों की खरीद को मंजूरी दी है. यह कदम सेनाओं को यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया कि कि वो जंग की स्थिति में तुरंत तैयार रहें और कम से कम 10 दिन तक बड़े पैमाने पर ऑपरेशंस चलाने के लिए तैयार रहें.