पिथौरागढ़ छावनी में 7 मार्च से भारत-नेपाल के बीच सैन्य अभ्यास, तैयारियां शुरू

भारत और पड़ोसी देश नेपाल की सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास की तैयारी शुरू हो गई है. 14 दिनों तक चलने वाला यह संयुक्त सैन्य अभ्यास आगामी सात मार्च से शुरू होगा. इसे सूर्यकिरण-11 नाम दिया गया है. दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के देश में जाकर हर साल यह सैन्य अभ्यास करती हैं.

इस बार पिथौरागढ़ छावनी क्षेत्र में यह अभ्यास होगा. इसे सूर्या कमांड के तत्वावधान में पंचशूल ब्रिगेड आयोजित करेगी. सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की एक इंफैंट्री बटालियन और इतनी ही संख्या में नेपाली सेना के जवान हिस्सा लेंगे.

सेना की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि यह सैन्य अभ्यास मित्र देशों के साथ कार्यक्षमता को विकसित करने और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने का एक हिस्सा है. भारत और नेपाल की सेनाएं आतंकवाद विरोधी अभियानों के अनुभवों को साझा करेंगे. साथ ही दोनों सेनाएं अपने अनुभवों का लाभ एक-दूसरे को देंगे.

सैन्य अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं एक-दूसरे के हथियारों, उपकरणों, रणनीति, तकनीक, पर्वतीय इलाके में आतंकवाद विरोधी माहौल में काम करने की प्रक्रियाओं से परिचित होंगे. यह भी बताया गया कि सैन्य अभ्यास के समय शैक्षिक विशेषज्ञ की श्रृंखला में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी.

इनमें मानवीय सहायता, आपदा राहत, हाई अल्टीट्यूड इलाकों में युद्ध कला आदि शामिल रहेगी. सैन्य अभ्यास के समापन से पहले 72 घंटे का कड़ा आतंकवाद विरोधी प्रदर्शन होगा.

सेना की ओर से कहा गया है कि यह संयुक्त सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार और परंपरागत मित्रता को मजबूती प्रदान करने में कारगर साबित होगा. छावनी क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास की जोरदार तैयारियां की जा रही हैं. भारत और नेपाल की सेना का वरिष्ठ अधिकारी इस दौरान मौजूद रहेंगे.