खुशखबरी: संगठित क्षेत्र के कर्मचारी की टैक्स फ्री ग्रेच्युटी दोगुनी करने पर राजी हुआ श्रम मंत्रालय.

संगठित क्षेत्र के कर्मचारी जल्द ही 20 लाख तक की टैक्स फ्री ग्रेच्युटी के पात्र होंगे. श्रम मंत्रालय के साथ एक त्रिपक्षीय परामर्श में केंद्रीय ट्रेड यूनियन, ग्रेच्युटी भुगतान कानून में प्रस्तावित संशोधन पर अंतरिम उपाय के रूप में ग्रेच्युटी पेमेंट की सीमा दोगुनी करने पर राजी हो गए हैं. कैबिनेट से प्रस्ताव पास होने के बाद अब इसे बजट सत्र के अगले हिस्से में संसद में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा. दिल्ली में केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय व मजदूर संगठन के नेताओं के साथ संपन्न हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। गौरतलब है कि निजी क्षेत्र के कर्मचारी मौजूदा समय में 10 लाख रुपये तक कर मुक्त ग्रेच्युटी के लिए पात्र हैं.

इस फैसले के बाद देश के सरकरी कर्मचारियों की तरह ही निजी संगठित सेक्टर के कर्मचारियों को भी 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी निकालने की सीमा मिलेगी। यूनियनों ने यह भी मांग की कि सेवा के प्रत्येक साल के लिये ग्रेच्युटी भुगतान को 15 दिन के वेतन से बढ़ाकर 30 दिन के वेतन के बराबर किया जाना चाहिए. श्रमिक संगठनों ने कहा कि सरकार ने 15 फरवरी 2017 के पत्र के साथ ग्रेच्युटी कानून के भुगतान में संशोधन का जो प्रस्ताव दिया था, वह केवल कानून की धारा 4 (3) के तहत सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने से संबंधित था.

केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने मांग की थी कि उस शर्त को हटाया जाना चाहिए जिसमें न्यूनतम 10 कर्मचारी कार्यरत हो और ग्रेच्युटी पाने के लिए कर्मचारी ने सेवा के रुप में कार्यालय में 5 साल बिता लिए हों. ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “अंतरिम उपाय के रुप में 20 लाख रुपए के अधिकतम भुगतान को स्वीकार को स्वीकार करने के साथ ही यूनियन में यह भी मांग की है कि कर्मचारियों की संख्या और काम करने के सालों के संबंध में जारी सीलिंग/ लिमिट को भी हटाया जाना चाहिए.” वहीं सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने भी सरकार से आग्रह किया है कि ग्रेच्युटी की राशि पर पर मौजूदा सीलिंग को भी हटा देना चाहिए.