रिलायंस JIO से टक्कर लेने के लिए एयरटेल ने अब उठाया ‘ये’ कदम

नई नवेली दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो से मिल रही चुनौती से निपटने के लिए तमाम कंपनियां तरह-तरह की कोशिशें कर रही हैं। ऐसी ही एक बड़ी कोशिश देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी एयरटेल ने की है.

भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने टेलिनॉर इंडिया को खरीदने का समझौता किया है. दूरसंचार कंपनी के अनुसार, उसने टेलीनॉर इंडिया कंम्यूनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए टेलीनॉर साउथ एशिया इंवेस्टमेंट के साथ एक निश्चित समझौता किया है, जो नियामक मंजूरी मिलते ही लागू हो जाएगा.

समझौते के मुताबिक एयरटेल टेलिनॉर इंडिया के भारत में चल रहे सभी सात सर्किलों -आंध्र प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश (पूर्व), उत्तर प्रदेश (पश्चिम) और असम के कारोबार का अधिग्रहण करेगी.

दूरसंचार कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘प्रस्तावित अधिग्रहण के तहत टेलीनॉर इंडिया की सारी संपत्ति और ग्राहकों का एयरटेल में हस्तांतरण हो जाएगा, जिससे एयरटेल के कुल ग्राहक आधार और नेटवर्क में वृद्धि होगी.’

वहीं, टेलिनॉर इस सौदे के पूरा होने तक अपनी सेवाओं का सामान्य रूप से संचालन जारी रखेगा. भारती एयरटेल के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत और दक्षिण एशिया) गोपाल विट्टल ने एक बयान जारी कर कहा, ‘सौदे के पूरा होने पर दोनों कंपनियों के ग्राहक और नेटवर्क एक हो जाएंगे तथा इससे आगे कई महत्वपूण हलकों में हमारी बाजार हिस्सेदारी मजबूत होगी.’

वर्तमान में, एयरटेल का एशिया और अफ्रीका के 17 देशों में कारोबार है और जनवरी के अंत तक इसके 36.8 करोड़ से अधिक ग्राहक थे.

टेलिनॉर समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिग्वे ब्रेक्के ने एक अलग बयान में कहा, ‘भारत में हमारे व्यापार के लिए एक दीर्घकालिक समाधान ढूंढना हमारे लिए एक प्राथमिकता रही है, और हम एयरटेल के साथ इस समझौते से खुश हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘भारत से बाहर निकलने का निर्णय हल्के ढंग से नहीं लिया गया है. भारत में अकेले कारोबार करना भविष्य में हमारे लिए फायदेमंद साबित नहीं होता.’

इस सौदे को दूरसंचार विभाग (डीओटी) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) समेत कई नियामकों से मंजूरी की जरुरत है, उसके बाद ही यह सौदा पूरा हो पाएगा.