‘कांग्रेस की आर्थिक मदद करने वालों को PM मोदी और अमित शाह ने धमकाया’

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी सरकार सैनिक वोटों को प्रभावित कर सकती है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर चुनाव में कांग्रेस को आर्थिक मदद करने वालों को धमकाने का भी आरोप लगाया. किशोर ने कहा कि पार्टी दो मार्च को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद खर्च का ब्योरा सार्वजनिक करेगी.

किशोर बुधवार को कांग्रेस भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 2008 में लोकसभा के एक उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी का उम्मीदवार सैनिक वोटों के कारण चुनाव हार गया. चुनाव में एक-एक वोट की अहमियत है. उन्हें अंदेशा है कि केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का राज्य के प्रति जिस तरह का व्यवहार रहा है, वे सैनिक वोटों को प्रभावित कर सकते हैं.

इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र सौंपा है. पत्र में उन्होंने कहा कि विधानसभा के लिए 15 फरवरी शाम पांच बजे तक जितने भी वोटर कतार में थे, उन्होंने वोट डाला. यह नियम डाक मत पत्रों एवं रक्षा सेनाओं के मतपत्रों के संबंध में लागू होना चाहिए.

निर्वाचन आयोग की अधिसूचना के हिसाब से 11 मार्च को मतगणना के बाद चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी. यदि मतगणना संपन्न होने के बाद भी डाक मतपत्र आते रहे और उनकी गणना होती रही तो पूरी चुनाव प्रक्रिया पर ही प्रश्न चिन्ह लग जाएगा. उन्होंने कहा 15 फरवरी के बाद भेजे जाने वाले सैनिक वोटों को अवैध माना जाए.

किशोर ने बीजेपी पर चुनाव में इफरात में धन खर्च करने और केंद्र सरकार पर लोगों को कांग्रेस की आर्थिक मदद करने से रोकने का आरोप लगाया. टिहरी सीट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धन्नै के आरोप कि उन्हें हराने के लिए कांग्रेस ने बीजेपी की मदद की के जवाब में किशोर ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी संगठन स्तर पर उन्हें नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि आग्रह के बावजूद पार्टी के सिंबल पर चुनाव न लडऩे वालों ने साबित किया कि उनका कांग्रेस के प्रति सम्मान नहीं है.

किशोर ने कहा कि पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों को दो मार्च को बैठक होगी जिसमें सभी उम्मीदवारों को भी आमंत्रित किया गया है. पहले यह बैठक 24 फरवरी को होनी थी, किंतु महाशिवरात्रि पर्व की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि बैठक में चुनाव की समीक्षा होगी और इसके बाद पार्टी चुनाव खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करेगी.