बीएसपी ने कर्णप्रयाग में मृतक उम्मीदवार कुलदीप कनवासी की पत्नी को चुनावी मैदान में उतारा

तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए बहुजन समाज पार्टी ने उत्तराखंड की कर्णप्रयाग सीट से प्रत्याशी रहे दिवंगत कुलदीप कनवासी की पत्नी पर दांव खेला है.

शनिवार को बसपा प्रदेश अध्यक्ष भृगुराशन राव की मौजूदगी में स्व. कुलदीप कनवासी की पत्नी ज्योति कनवासी ने पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. इस सीट पर पार्टी की ओर से दो अन्य नेता भी टिकट की लाइन में थे. माना जा रहा है कि पार्टी हरिद्वार की भगवानपुर सीट की तरह यहां भी सहानुभूति लहर को भुनाने की तैयारी कर रही है.

विधानसभा चुनावों में गौचर के बंदरखंड निवासी कुलदीप कनवासी बसपा से प्रत्याशी थे, लेकिन 12 फरवरी को बद्रीनाथ हाईवे पर हुई कार दुर्घटना में कुलदीप की मौत हो गई थी. इसी वजह से कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में चुनाव रद्द कर दिए गए थे और चुनाव का संशोधित कार्यक्रम जारी होने के साथ ही मतदान की तिथि नौ मार्च तय की गई थी.

20 फरवरी को बसपा के लिए नामांकन की अंतिम तिथि थी. ज्योति कनवासी ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया.

इस विधानसभा सीट से सीपीआईएमएल के इंद्रेश मैखुरी, बीजेपी के सुरेंद्र सिंह नेगी, यूकेडी के बलवंत सिंह नेगी और कांग्रेस के डॉ. अनसूया प्रसाद मैखुरी सहित निर्दलीय प्रत्याशी आनंदमणी दत्त जोशी, मोहन सिंह नेगी, भगत सिंह नेगी एवं पदम सिंह नेगी मैदान में हैं.

माना जा रहा है कि भगवानपुर सीट पर सुरेंद्र राकेश की मौत के बाद ममता राकेश को मिली सहानुभूति की गणित के साथ ही महिला कार्ड भी पार्टी ने यहां खेला है. बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भृगुराशन राव ने बताया कि पार्टी ने पहले से कुलदीप कनवासी के परिजनों को वरीयता देने का निर्णय लिया था.

विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी केएन गोस्वामी ने बताया कि बसपा की ओर से ज्योति कनवासी का नामांकन दाखिल किया गया है. 21 फरवरी को आवेदन की स्क्रूटनी और 23 फरवरी को नाम वापसी होगी, जबकि विधानसभा में 9 मार्च को मतदान के बाद 11 मार्च को मतगणना की जाएगी.