फर्जी मतदान का विरोध करने पर पंचायत कर परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया

देहरादून जिले के त्यूनी क्षेत्र के एक गांव में विधानसभा चुनाव में फर्जी मतदान का विरोध करने पर तीन परिवारों का ग्रामीणों द्वारा पंचायत कर सामाजिक बहिष्कार करने का मामला सामने आया है.

पीड़ितों की ओर से कुछ अखबारों के नाम लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस खबर के बाद खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है. हालांकि पीड़ितों ने प्रशासन या पुलिस से लिखित शिकायत नहीं की है. तहसीलदार ने मामले में लिखित शिकायत आने पर कार्रवाई की बात कही है.

क्षेत्र के एक गांव में करीब 60 परिवार रहते हैं. बताया गया है कि पीड़ित तीन परिवार एक राजनीतिक दल और शेष परिवार दूसरे दल के समर्थक हैं.

पंद्रह फरवरी को मतदान के दिन पीड़ित परिवार का एक सदस्य पोलिंग एजेंट के रूप में बूथ पर तैनात था. इस बीच दूसरे पक्ष के लोग फर्जी तरीके से अपने पक्ष में मतदान करवाने लगे, जिसका उसने विरोध किया. इससे दूसरे पक्ष के लोग नाराज हो गए.

बताया गया है कि उन्होंने चुनाव संपन्न होने के बाद रात में ही गांव में पंचायत बुलाई. जिसमें पीड़ित पक्ष के लोगों के साथ ही गांव के सभी लोग शामिल हुए. उस दौरान तो कोई निर्णय नहीं लिया गया, लेकिन अगली सुबह एक व्यक्ति के माध्यम से उनके पास संदेश पहुंचाया गया कि उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है. इससे तीनों परिवार हतप्रभ रह गए.

सूत्रों की मानें तो ग्रामीणों के डर से पीड़ित खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर जो पत्र मीडिया के नाम वायरल हो रहा है, उसमें तीनों परिवारों के मुखिया के नाम लिखे हैं.

नायब तहसीलदार पूरण सिंह चौहान का कहना है कि अभी तक सिर्फ इस बात की चर्चाएं हैं. जबकि पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति ने फोन के जरिए इसकी जानकारी राजस्व उपनिरीक्षक को दी है. तहसीलदार की मानें तो पीड़ित पक्ष के खुलकर सामने आने और लिखित रूप से शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई संभव है.