उत्तराखंड में मतदान का रिकॉर्ड टूटा, यूपी में भी पहले दौरे से आगे निकला दूसरा चरण

निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 65.5 फीसदी मतदान हुआ जबकि उत्तराखंड में अब तक का सर्वाधिक 68 फीसदी मतदान हुआ जो कि एक रिकॉर्ड है.

उत्तर प्रदेश में बुधवार को संपन्न मतदान के दूसरे चरण को निर्वाचन आयोग ने ‘अत्यंत संवेदनशील’ बताया. दूसरे चरण के तहत राज्य की 67 विधानसभा सीटों पर शांतिपूर्वक मतदान हुआ और पूरे माहौल को देखकर लग रहा था मानो यह ‘लोकतंत्र का उत्सव’ है.

आयोग ने कहा कि शाम पांच बजे तक दोनों राज्यों में दर्ज आंकड़े बढ़ सकते हैं और उत्तराखंड में तो यह 70 फीसदी तक पहुंच सकता है. प्रवर्तन एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश में 16.52 करोड़ रुपये नगद, करीब नौ करोड़ रुपये मूल्य की 3.29 लाख लीटर शराब और 1.16 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए. इसके अलावा 1.5 लाख हथियार जमा किए गए.

उत्तर प्रदेश के प्रभारी उप चुनाव आयुक्त विजय देव ने संवाददाताओं को बताया कि मतदान के दौरान 117 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) तथा 24 वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) को बदलना पड़ा.

उत्तराखंड में 20 ईवीएम और सात वीवीपीएटी को बदला गया. आयोग के अनुसार, उत्तराखंड में पेड न्यूज का एक मामला आया. कुल मिला कर मतदान हिंसारहित और बिना किसी व्यवधान के हुआ.

दैनिक जागरण मामले के बारे में पूछे जाने पर देव ने मीडिया से नियमन का ‘अपनी ओर से पालन’ करने की अपील की और यह कहते हुए विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया कि मामले की जांच की जा रही है.

टिहरी गढ़वाल जिले में रीह मतदान केंद्र 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है और मतदाताओं की संख्या 275 है. इस मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए मतदान दल को दो दिन तक चढ़ाई चढ़नी पड़ी.

प्रभारी उप निर्वाचन आयुक्त संदीप सक्सेना ने बताया, ‘हिम आच्छादित इलाको में 479 मतदान केंद्र थे.’ पहाड़ी राज्य में 3.38 करोड़ रुपये की नगद राशि, 147 अवैध हथियार, 3.1 करोड़ रुपये मूल्य की शराब तथा 37.23 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए.

सक्सेना ने संवाददाताओं को बताया ‘शाम पांच बजे तक मतदान का प्रतिशत 68 पर पहुंच गया और इसने सभी रिकॉर्ड तोड़ डाले. वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान 67.22 फीसदी तथा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 62.15 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था.’

मतदान के इस चरण में उत्तर प्रदेश में 82 महिला प्रत्याशी और उत्तराखंड में 60 महिला प्रत्याशी मैदान में थीं. दोनों राज्यों में तीसरे लिंग के प्रत्याशियों की संख्या क्रमश: आठ और दो थी.