जयललिता की कार से बेंगलुरु पहुंची शशिकला ने किया सरेंडर, सेंट्रल जेल भेजा गया

अन्नाद्रमुक की प्रमुख वीके शशिकला को बुधवार को जेल भेज दिया गया. उन्होंने बेंगलुरु की एक अदालत में आत्मसमर्पण किया. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के दो दशक पुराने मामले में उनकी सजा बहाल कर दी थी.

शशिकला ने विशेष अदालत के न्यायधीश अश्वतनारायण के समक्ष आत्मसमर्पण किया. चेन्नई से सड़क मार्ग से बेंगलुरु पहुंची शशिकला को कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर होसुर से 28 किलोमीटर दूर पराप्पना अग्रहारा स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया गया.

सुप्रीम कोर्ट ने आत्मसमर्पण करने के लिए और दो सप्ताह की मोहलत देने और घर का खाना उपलब्ध कराने का उनका अनुरोध भी ठुकरा दिया. शशिकला के रिश्तेदार वीएन सुधाकरन और एलावारसी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों की सजा भी बहाल कर दी थी.

शशिकला उसी कार में आईं जिस कार का इस्तेमाल जयललिता किया करती थीं. उन्हें सख्त सुरक्षा के बीच बुधवार शाम जेल ले जाया गया.

जेल महानिदेशक सत्यनारायण राव ने पीटीआई को बताया कि वह तीन साल और करीब 11 महीने जेल में रहेंगी. निचली अदालत ने उन्हें चार साल की सजा सुनाई थी. इससे पहले सितंबर, 2014 में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद शशिकला 21 दिन की सजा परप्पना अग्रहरा जेल में काट चुकी हैं.

राव ने कहा कि शशिकला और एलावारसी इस जेल में महिलाओं के प्रखंड में एक छोटे प्रकोष्ठ में सजा काटेंगी. शशिकला को सामान्य भोजन मिलेगा न कि घर का बना भोजन, लेकिन वह डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक होगा.

पुलिस ने कहा कि शशिकला का काफिला अदालत परिसर के पास पहुंचते ही उसमें शामिल चार कारों को नुकसान पहुंचाया गया. यह पता नहीं चल सका कि किन लोगों ने इन कारों को नुकसान पहुंचाया.