दिल्ली सीरियल ब्लास्ट: 11 साल बाद फैसले का दिन, आरोपियों को हो सकती है फांसी की सजा

वर्ष 2005 में हुए बहुचर्चित सरोजनी नगर धमाकों के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत आज अपना फैसला सुनाएगी. इसी सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह इसपर फैसला सुनाने वाले थे, लेकिन उन्होंने इसके लिए बृहस्पतिवार का दिन तय किया था. फैसला बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे के बाद आने की उम्मीद है.

पेश मामले में अक्टूबर, 2005 में धनतेरस के दिन सरोजनी नगर मार्केट में लश्कर के आतंकियों ने धमाका किया था. इसमें करीब 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उक्त अपराध के लिए तारीक अहमद, मोहम्मद हुसैन फैजली और मोहम्मद रफीक शाह को गिरफ्तार किया था. वर्ष 2008 में अदालत ने तीनों पर भारत के खिलाफ जंग छेड़ना, हत्या, हत्या के प्रयास और आ‌र्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए थे.

ऐसे दहल गई थी राजधानी

दीपावली के जश्‍न में डूबी दिल्‍ली अचानक हुए इन आतंकी हमलों से दहला गई थी. पहला धमाका-शाम 5: 38 बजे पहाड़गंज में हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई  और, 60 घायल हुए, दूसरा धमाका शाम 6:00 बजे गोविंदपुरी में हुआ, जिसमें 4 लोग घायल हुए, जबकि तीसरा धमाका सरोजनी नगर में शाम 6:05 बजे हुआ जिसमें सबसे ज्‍यादा 50 लोगों की मौत हुई और 127 लोग घायल हुए.

11 साल बाद फैसला, संभव है फांसी की सजा

मामले को पहले ही 10 साल से ऊपर हो चुके हैं. पहले यह फैसला 13 फरवरी को आना था, लेकिन अब इसे आज यानी की 16 फरवरी को सुनाया जाएगा. पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त-सत्र न्यायाधीश रितेश सिंह गुरुवार को अपना फैसला देंगे. बता दें कि हाल ही में सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उन्‍होंने फैसला सुरक्षित रख लिया था. आरोपी यदि दोषी साबित होते हैं, तो फांसी की सजा तक हो सकती है