शादी में 5 लाख रु से अधिक खर्च किए तो हो सकती है “सजा”

शादी-विवाह में फिजूलखर्ची रोकने, मेहमानों की संख्या सीमित करने और समारोह के दौरान परोसे जाने वाले व्यंजनों को सीमित करने के मकसद वाला एक निजी विधेयक लोकसभा में पेश जाएगा. इसमें यह प्रावधान किया गया है कि जो लोग शादी-ब्याह में 5 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च करते हैं, वे गरीब परिवार की लड़कियों के विवाह में योगदान करें.

लोकसभा में कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन यह निजी विधेयक पेश करेंगी, जिसमें कहा गया है कि अगर कोई परिवार विवाह के दौरान 5 लाख रुपये से अधिक राशि खर्च करता है, तब उसे गरीब परिवार की लड़कियों के विवाह में इसकी 10 प्रतिशत राशि का योगदान देना चाहिए.

लोकसभा के आगामी सत्र में में विवाह (अनिवार्य पंजीकरण और फिजूलखर्च रोकथाम) विधेयक, 2016 एक निजी विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा.

रंजीत रंजन ने से कहा कि इस विधेयक का मकसद विवाह में फिजूलखर्ची रोकना और सादगी को प्रोत्साहन देना है. उन्होंने कहा, ‘शादी दो लोगों का पवित्र बंधन होता है और ऐसे में सादगी को महत्व दिया जाना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से इन दिनों शादी विवाह में दिखावा और फिजूलखर्ची बढ़ गई है.’