तो इस वजह से हो रही है इन दो भारतीय दिग्गज बल्लेबाज़ों की तुलना

कोई चाहे या नहीं चाहे, दिग्गजों के बीच तुलना तो होती ही है. पहले क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की ऑस्ट्रेलियाई धुरंधर डॉन ब्रेडमैन से होती थी तो अब भारतीय कप्तान विराट कोहली की सचिन से होने लगी है. हालांकि दो क्रिकेटरों की रणनीति, तकनीक, नजरिया और खेलने का तरीका अलग-अलग है, लेकिन प्रशंसकों का अपने हीरो को आंकने का तरीका तुलनात्मक ही रहता है. एक समय तेंदुलकर धड़ाधड़ क्रिकेट के सारे रिकॉर्ड तोड़ रहे थे. अभी भी बल्लेबाजी के बड़े रिकॉर्ड उनके नाम ही हैं. तब उनकी तुलना ब्रेडमैन से की जाती थी. टेस्ट में बल्लेबाजी औसत के रिकॉर्ड को छोड़ दें तो सचिन ब्रेडमैन से काफी आगे हैं.

अब कोहली लगातार रन बना रहे हैं तो उनकी तुलना सचिन से हो रही है. निसंदेह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज में कोहली नए आयाम छूना चाहेंगे. ऐसा करने में कामयाब होते हैं तो वह एकनई लकीर भी खींच देंगे. पहले भारत आने वाली सभी टीमें कभी सचिन के लिए विशेष रणनीति बनाती थीं.

अब सबके निशाने पर कोहली रहते हैं. पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने भी माना है कि विराट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में तिहरा शतक भी जड़ सकते हैं. कपिल ने कहा कि अगर लोग विराट की तुलना ब्रेडमैन से करते हैं तो इसमें कोई शक नहीं वह उनकी तरह महान बल्लेबाज हैं. क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें ब्रेडमैन ने 52 टेस्ट में 29 शतक के जरिये 99.94 के औसत से 6996 रन बनाए. दशकों तक उन्हें ही दुनिया का श्रेष्ठतम क्रिकेटर माना गया, लेकिन सचिन ने उनकी इस विरासत को छीन लिया. वनडे और टेस्ट में सबसे ज्यादा रन और शतक बनाकर सचिन ने रिकॉर्ड के ढेर लगा दिए.