जेल में कुछ यूं गुजरी शशिकला की पहली रात, सोने को मिली चटाई

आय से अधिक संपत्ति केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद वी.के. शशिकला बुधवार को जेल चली गईं. बेंगलुरू की जेल में शशिकला को दूसरे कैदियों की तरह ही खाना दिया गया. हालांकि, शशिकला ने कोर्ट से अपने घर के खाने की अपील की थी लेकिन कोर्ट ने फिलहाल उनकी ये मांग ठुकरा दी है. जेल में शशिकला को चटाई पर सोना पड़ा. सुबह उठकर शशिकला ने 10 मिनट तक मेडिटेशन किया और इसके बाद उन्हें ब्रेकफास्ट में स्थानीय व्यंजन पुलियोगरे दिया गया.

कुछ यूं गुजरी रात
बेंगलुरु की बेनाहोर सैंट्रल जेल में पहुंचते ही शशिकला से रिजस्टर पर साइन कराए गए. इसके बाद शशिकला को कैदी नंबर 9234 मिला. शशिकला को तीन नीली साड़ियां दी गईं. नीली साड़ियां इस जेल में महिला कैदियों की पोशाक होती है. जेलर ने शशिकला को उनकी ड्यूटी बताई.

जेल में ये काम करेंगी
मोमबत्ती और अगरबत्ती बनाने का काम दिया गया. शशिकला को रविवार को भी छुट्टी नहीं मिलेगी. शशिकला को दूसरे कैदियों की तरह ही प्लेट और पानी पीने का मग मिला. वीआईपी होने के नाते उन्हें 24 घंटे की सुरक्षी मुहैया कराई गई.
शाम 7 बजे उन्हें डिनर दिया गया जिसमें उन्हें जेल में मिलने वाली रोटी, चावल, दाल और दही दी गई. शशिकला को सोने के लिए चटाई, एक कंबल और एक तकिया दिया गया.

शशिकला ने की थी ये डिमांड
शशिकला ने कोर्ट से जेल में महिला बैरक के बराबर में एक स्पेशल सेल की मांग की थी. ब्लड शुगर की दिक्कत होने का हवाला देते हुए घर के खाने की मांग. 24 घंटे गर्म पानी. पीने के लिए 24 घंटे मिनरल वॉटर. मैडिटेशन और वॉक के लिए जगह की मांग की थी.

कोर्ट ने शशिकला की मांग फिलहाल नहीं मानी. कोर्ट ने जेल प्रशासन से शशिकला के मेडिकल चेक अप के बाद इस पर फैसला लेने को कहा.