जिस कांग्रेस ने पिता मुलायम सिंह पर गोलियां चलवाईं, बेटा उसी की गोद में जा कर बैठ गया – मोदी

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी-फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा. रैली में पीएम के निशाने पर सपा-कांग्रेस का गठबंधन भी रहा. पीएम मोदी ने कहा कि मैदान छोटा पड़ जाने की वजह से आप लोगों को मुझे सुनने में आने वाली दिक्कतों के लिए मैं क्षमा चाहता हूं. कन्नौज की धरती इत्र की धरती है. पीएम मोदी ने कहा कि 4 मार्च 1984 को मुलायम सिंह जी पर गोलियां चलीं. चौधरी चरण और अटल जी ने कांग्रेस के खिलाफ मुलायम जी को इंसाफ दिलाने के लिए आंदोलन चलाया. अखिलेश जी याद कीजिए वो दिन जब कांग्रेस ने आपके पिता पर इतना गंभीर हमला कराया. कांग्रेस के साथ जाना अखिलेश के लिए शर्म की बात.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकास के नए कीर्तिमान रच रहा है। आज हमारे वैज्ञानिकों ने स्पेस प्रोग्राम में ऐसा काम किया कि जिसे विश्व में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। हमारे वैज्ञैनिकों ने एक साथ 104 सैटेलाइट लॉन्‍च किए हैं। आज आकाश में भी सेंचुरी पार कर दी। इसमें तीन हिन्दुस्तान के हैं और 101 दुनिया के और देशों के सेटेलाइट लॉन्‍च कर इतिहास रच दिया है। अमेरिका, इजरायल, नीदरलैंड, यूएई समेत पूरी दुनिया में भारतीय वैज्ञानिकों ने भारत का सीना चौड़ा कर दिया।

क्या सरकार अमीरों, धन्नासेठों, कुनबों के लिए होती है? नहीं! सरकार गरीबों के लिए महिलाअों, शोषितों, वंचितों अौर पीड़ितों के लिए होती है। यूपी में गरीबों की थाली में जब गरीब खाना खाता है तो 3 रुपया गरीब लगाता है तो भारत सरकार 27 रुपए लगाकर उसका पेट भरती है। यूपी की सरकार गरीब विरोधी है। भारत सरकार ने अन्न सुरक्षा के तहत यूपी सरकार को पैसे देने के लिए कहा है। गरीबों की सूची बनाने के लिए कहा, लेकिन अभी तक सूची नहीं बनी। मुलायम, अखिलेश अौर उनकी श्रीमती जी बताएं कि अाप अभी तक अाप गरीबों की सूची क्यों नहीं दे पाए।

भारत सरकार ने 750 करोड़ रुपए गराबों के लिए निकाल के रखे हैं, यूपी सरकार को गरीबों के रुपए लेने में रुचि नहीं। जो कुनबे के साथ जुड़ा हो वही सपा को अच्छा लगता है। गरीबों को मरने देंगे लेकिन पैसा नहीं लेंगे। सपा गरीबों की दुश्मन है अौर सो रही है। गरीबों को पैसे इसलिए नहीं ले रहे क्योंकि उन्हें बिचौलिए नहीं मिल रहे हैं।

हृदय की बीमारी अमीर को ही नहीं गरीब को भी होती है। गरीब इसका इलाज नहीं करा पता था। अभी तक एंजियोप्लास्टी में लगने वाला स्टेंट लगवाने में 45 हजार रुपए लगते थे। विशिष्ट स्टेंट लगवाने में सवा लाख रुपए खर्च होते थे। इसमें रक्त के साथ दवा भी जाती है। केंद्र सरकार ने अध्ययन किया इसके बाद इस स्टेंट को ड्रग कंट्रोल में डाल दिया। नतीजन 45 हजार रुपए वाला स्टेंट अब 8 हजार रुपए, सवा लाख वाला स्टैंड 30 हजार रुपए का मिलेगा।