कांग्रेस को चुनाव आयोग ने दिया झटका, बेरोजगारी भत्ता कार्ड पंजीकरण वेबसाइट बंद करायी

उत्तराखंड में कांग्रेस के बेरोजगारी भत्ता कार्ड के वितरण पर रोक लगाए जाने के बावजूद उसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण जारी रखे जाने पर गंभीर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने रविवार को इस कार्य में लगी वेबसाइट को बंद करा दिया.

राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता कार्ड के वितरण पर पहले से ही रोक लगाई जा चुकी है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है.

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी भत्ते हेतु ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया करने वाली वेबसाइट पर रोक लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक को लिखा गया था, जिस पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए वेबसाइट को बंद करा दिया गया है.

पुलिस महानिरीक्षक और राज्य पुलिस नोडल अधिकारी (निर्वाचन) दीपम सेठ ने बताया कि बेरोजगारी भत्ते के ऑनलाइन पंजीकरण के संबंध में 11 फरवरी को देहरादून के साईबर थाना में अज्ञात के खिलाफ 66 आईटी एक्ट के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है. इस बीच, मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा इस संबंध में दिए गए नोटिस के जवाब में कांग्रेस ने इस बात से इंकार किया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगारी भत्ता कार्ड संबंधी कोई कार्य कर रही है.

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने किसी पार्टी समर्थक व्यक्ति अथवा समूह द्वारा ऐसा कार्य किए जाने की संभावना व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग को आश्वस्त किया है कि पार्टी भविष्य में अपने समर्थकों को ऐसा करने से रोकेगी.

कांग्रेस ने सरकार बनने पर 100 दिन के भीतर बेरोजगारों को 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया है और इसी के तहत बेरोजगारों को कार्ड बांटकर उन पर लिखे नम्बरों पर एसएमएस कर अपना पंजीकरण कराने को कहा जा रहा था. हालांकि, बीजेपी की शिकायत पर चुनाव आयोग ने उस पर रोक लगा दी थी, लेकिन उसके बावजूद बेरोजगारों का ऑनलाइन पंजीकरण जारी रखे जाने को आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए चुनाव आयोग ने शनिवार को उसे नोटिस जारी किया था.