एक और कथित ‘स्टिंग ऑपरेशन’ ने खोली हरीश रावत की कलई, बीजेपी ने मांगा इस्तीफा

उत्तराखंड में बुधवार 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों से ऐन पहले सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत के भीमताल से तत्कालीन बीजेपी विधायक दान सिंह भंडारी को पार्टी से तोड़ने के लिए कथित डील करने संबंधी स्टिंग ऑपरेशन के सामने आने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए उन्हें तत्काल पद से त्यागपत्र देने को कहा.

पिछले साल मार्च में नौ कांग्रेस विधायकों की बगावत से पैदा हुए राजनीतिक संकट के बीच भी हरीश रावत का एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आया था, जिसमें उन्हें बागियों को अपने पक्ष में करने के लिए कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश करते दिखाया गया था. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) से भी अनुरोध किया है कि वह मुख्यमंत्री के खिलाफ पहले से विधायकों की खरीद फरोख्त के मामले में चल रही जांच में एक न्यूज चैनल पर प्रसारित हुई, इस नए स्टिंग को भी जोड़ लें.

गौरतलब है कि पिछले साल भंडारी ने अपने विधायक पद से इस्तीफा देते हुए बीजेपी छोड़ दी थी. बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

भट्ट ने दावा किया कि भंडारी को तोड़ने के लिए सात करोड़ रुपये की कथित डील का खुलासा होने से बीजेपी द्वारा पहले से इस संबंध में व्यक्त की जा रही आशंका सत्य सिद्ध हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या कम करने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भंडारी से सात करोड़ रुपये की डील की और उन्हें इस्तीफा देने से पहले एक करोड़ रुपये दिए गए. उन्होंने कहा कि इसके बाद भंडारी को दो करोड़ रुपये और दिए गए.

भट्ट ने कहा कि इस स्टिंग में कुछ और बातों का खुलासा भी हुआ है, जिससे देवभूमि एक बार फिर शर्मसार हुई है.

इसे एक ‘बहुत गम्भीर’ मामला बताते हुए उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है और इसलिए उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.’ बीजेपी नेता ने इसमें डील करने वाले दोनों पक्षों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि पहले स्टिंग की जांच कर रही सीबीआई को इस मामले को भी उस जांच के साथ जोड़ लेना चाहिए.

दूसरी तरफ, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि यह चुनावों से पहले मुख्यमंत्री रावत को बदनाम करने और पार्टी की छवि खराब करने के लिये भाजपा द्वारा रची गई साजिश है.