यूपी की 67 और उत्तराखंड 69 सीटों पर चुनाव प्रचार थमा, बुधवार को मतदान

उत्तर प्रदेश की 67 विधानसभा सीटों में चुनाव के दूसरे चरण तथा उत्तराखंड की 69 विधानसभा सीटों के लिए 15 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए सोमवार शाम चुनाव प्रचार थम गया.

उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के लिए 11 जिलों.. सहारनपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, रामपुर, बरेली, अमरोहा, पीलीभीत, खीरी, शाहजहांपुर और बदायूं की 67 सीटों के लिए 15 फरवरी को मतदान होना है.

दूसरे चरण में मतदान वाली 67 सीटों में पिछले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को 34 सीटें मिली थीं, जबकि दूसरे नम्बर पर रही बसपा को 18, बीजेपी को 10, कांग्रेस को 3 और अन्य को 2 सीटें मिली थीं.

पहले चरण की ही तरह दूसरे चरण की तमाम सीटों के लिए बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव प्रचार की अगुवाई की और केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत दर्जन भर मंत्रियों ने बीजेपी के लिए प्रचार किया.

कांग्रेस सपा गठबंधन की ओर से राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने जमकर प्रचार किया. बसपा मुखिया मायावती पार्टी के अभियान को लगभग अकेले दम पर आगे बढ़ाने में लगी रहीं. हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचन्द्र मिश्र और नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी हाथी के लिए प्रचार किया.

दिलचस्प बात यह है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव तथा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अनुपस्थिति चुनाव प्रचार में साफ नजर आई. दोनों ने ही उत्तर प्रदेश में मतदान के पहले दो चरणों के लिए प्रचार नहीं किया.

दूसरे चरण की 67 सीटों के लिए कुल 720 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से सर्वाधिक 22 बिजनौर की बरहपुर और सबसे कम 4 उम्मीदवार अमरोहा की धनौरा सीट पर किस्मत आजमा रहे हैं. इस चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है उनमें सपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री आजम खां (रामपुर) और पहली बार चुनाव लड़ रहे उनके बेटे अब्दुला आजम (स्वार), कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जफर अली नकवी के बेटे सैफ अली नकवी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद (तिलहर) और बीजेपी विधान परिषद दल के नेता सुरेश खन्ना (शाहजहांपुर नगर) शामिल हैं.

दूसरे चरण में कुल 2.28 करोड़ लोगों को मताधिकार प्राप्त है. इनमें से 1.04 करोड़ महिलाएं हैं. उत्तराखंड की 69 विधानसभा सीटों पर 15 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए भी सोमवार शाम चुनाव प्रचार थम गया.

प्रदेश निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थमने के बाद अब प्रत्याशी अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए कोई जनसभा या रैली नहीं कर सकेंगे. हालांकि, वे जनसंपर्क के माध्यम से अपना प्रचार जारी रख सकते हैं.

उत्तराखंड की कर्णप्रयाग सीट पर शनिवार को बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी कुलदीप कान्वासी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया. अब प्रदेश की 69 सीटों पर मतदान होगा जिसमें प्रदेश के 75,12,559 मतदाता 15 फरवरी को 628 प्रत्याशियों का भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बंद कर देंगे.

राज्य में 20 जनवरी को विधानसभा चुनावों की अधिसूचना जारी होने के साथ पार्टियों और प्रत्याशियों का शुरू हुआ चुनाव प्रचार पिछले 15 दिन में अपने चरम पर पहुंच गया.