DRDO का नया कारनामा, एक्‍सो-वायुमंडलीय इंटरसेप्‍टर मिसाइल का सफल परिक्षण

भारत ने आज सुबह 7.45 मिनट पर सफलतापूर्वक एक परीक्षण किया जिसमें एक आने वाली बैलेस्टिक मिसाइल टारगेट को एक एक्‍सो-वायुमंडलीय इंटरसेप्‍टर मिसाइल द्वारा बंगाल की खाड़ी में इंटरसेप्‍ट किया गया।

इस सराहनीय वैज्ञानिक उपलब्धि के साथ भारत ने आने वाले बैलेस्टिक मिसाइल खतरों के खिलाफ संवर्द्धित सुरक्षा की दिशा में अपनी समग्र क्षमता के निर्माण में एक महत्‍वपूर्ण मील का पत्‍थर पार कर लिया है। भारत उन चार देशों के विशिष्‍ट क्‍लब में शामिल हो गया है, जो विद्वेषपूर्ण खतरे से अपने आसमान एवं नगरों को सुरक्षित करने के लिए क्षमताएं विकसित कर चुके हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी और रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर ने डीआरडीओ एवं इस उल्‍लेखनीय उपलब्धि को हासिल करने में जुटे सभी वैज्ञानिकों को उनके समर्पित प्रयासों के लिए सराहना की।

राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने पृथ्‍वी रक्षा वाहन (पीडीवी) इंटरसेप्टर मिसाइल के सफल परीक्षण के लिए डी आर डी ओ को बधाई दी है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्‍यक्ष डॉ. एस. क्रिस्‍टोफर को भेजे एक संदेश में राष्‍ट्रपति महोदय ने कहा है, ’ मैं पृथ्‍वी रक्षा वाहन (पीडीवी) इंटरसेप्टर मिसाइल के सफल परीक्षण से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।भारत अब उन कुछ चुने हुए राष्‍ट्रों के समूह में शामिल हो गया है जिनके पास ऐसी बैलि‍स्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली है। राष्‍ट्र डी आर डी ओ द्वारा अर्जित की गई इस उपलब्धि पर गर्व करता है। यह भारत की प्रतिरक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने में एक उल्‍लेखनीय मील का पत्‍थर है तथा आने वाले बैलिस्टिक मिसाइल खतरों के मुकाबले बढ़ी हुई सुरक्षा प्रदान करेगा। मैं आने वाले वर्षों में डी आर डी ओ की सतत सफलता की कामना करता हूं।’