किच्छा सीट पर पीएम मोदी बनाम सीएम हरीश रावत हो रहा मुकाबला

नरेंद्र मोदी बनाम हरीश रावत शायद अपने तीखेपन के साथ इस तरह कहीं और मौजूद नहीं है जितना विधानसभा क्षेत्र किच्छा में. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 फरवरी की प्रस्तावित रुद्रपुर जनसभा के नजदीक आने के साथ ही यह तीखापन बढ़ रहा है. कोई खास मुद्दा प्रभावी न होने से यहां चुनाव जातीय और क्षेत्रीय प्रबंधन पर आकर सिमट गया है.

बीजेपी प्रत्याशी राजेश शुक्ला अलग-अलग मतदाता वर्गों पर ध्यान केंद्रित करते हुए पीएम मोदी की इस जनसभा के सहारे ही आगे बढ़ने की कोशिश में हैं.

पीएम मोदी की प्रस्तावित जनसभा का दबाव ही है कि कांग्रेस प्रत्याशी मुख्यमंत्री हरीश रावत को अब किच्छा में अपनी उपस्थिति बढ़ानी पड़ रही है. कुल मिलाकर धौरा बांध के किनारे की संकरी, धूल धूसरित सड़क पर दौड़ रहे वाहनों के साथ हिचकोले खाते हुए यहां चुनाव आगे बढ़ रहा है.

करीब एक लाख 17 हजार मतदाताओं वाली किच्छा विधानसभा क्षेत्र में 36 हजार मुस्लिम मतदाता हैं. दस हजार ऐसे मतदाता हैं, जिन्हें पूर्वांचल का कहा जाता है. करीब पांच हजार मतदाता पर्वतीय मूल के हैं. पूरी तरह से मैदानी यह विधानसभा सीट रुद्रपुर और सितारगंज विधानसभा से भी सटी हुई है.

यहां विकास एक चाहत भर है, कोई मुद्दा नहीं. ऐसे में चुनाव जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को साधने और बिगाड़ने तक सिमट गया है. पंतनगर क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी राजेश शुक्ला के साथ ही बीएसपी प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.

इसी से सटा इलाका है शांतिपुरी. यहां अधिक संख्या में पर्वतीय मूल के लोग हैं और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी की जनसभाओं के जरिए शुक्ला पकड़ बनाने की कोशिश में हैं.

मुख्यमंत्री हरीश रावत के बेटे आनंद रावत सहित कांग्रेस नगर इकाई के पदाधिकारी इस क्षेत्र का दो बार दौरा कर चुके हैं. नारायणपुर, गंगापुर आदि के पूर्वांचल बहुल इलाकों में राजेश शुक्ला की कोशिश प्रचार के अंतिम दिन स्टार प्रचारक मनोज तिवारी को मैदान में उतारने की है.

दरऊ, छिनकी और सिरौली जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों से राजेश शुक्ला कुछ हद तक दूरी बनाए हुए हैं. अभी तक कांग्रेस का मूवमेंट इन क्षेत्रों में अधिक रहा. कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी सरवर यार खान का घर भी दरऊ में है.

कांग्रेस अब नारायणपुर, गंगापुर, फुलसंगा जैसे पूर्वांचल बहुल इलाकों की ओर रुख करने की तैयारी में है. ये इलाके रुद्रपुर विधानसभा से सटे हुए हैं. किच्छा शहर के करीब 28 हजार मतदाताओं पर पकड़ बनाने के लिए राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी रणनीति है.

शुक्ला यहां सांसद योगी आदित्यनाथ की सभा कराने और रूबी के रोड शो पर भरोसा कर रहे हैं. कांग्रेस यहां हरीश रावत को हर घर के दरवाजे पर दस्तक दिलवाने की तैयारी कर रही है.

इन समीकरणों से इतर अब पीएम मोदी की जनसभा पर कांग्रेस और बीजेपी की निगाह है. खुद राजेश शुक्ला का मानना है कि मोदी की जनसभा से तराई में महौल बदलेगा. धौरा बांध के नजदीक के नजीमाबाद गांव में घर-घर दस्तक दे रहे शुक्ला पीएम मोदी की जनसभा में आने के लिए लोगों से आग्रह कर रहे हैं.

यह इलाका परिसीमन से पहले की रुद्रपुर-किच्छा विधानसभा से कांग्रेस के विधायक रह चुके तिलकराज बेहड़ की पहचान का भी है. इस क्षेत्र का जिम्मा भी बेहड़ पर है. खुद रुद्रपुर से कांग्रेस का प्रत्याशी होने के बाद भी मंगलवार को बेहड़ ने नजीमाबाद के प्रधान सुरजीत सहित अन्य कई प्रधानों से खासी लंबी बात भी की. पीएम मोदी की जनसभा के काउंटर में हरीश रावत मंगलवार रात से ही यहां पर अधिक समय देने का मन बना चुके हैं.

किच्छा की लड़ाई को पीएम मोदी बनाम सीएम रावत की तरह पेश करने की कोशिश कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है. यह रणनीति जमीनी हकीकत पर कैसा असर डाल रही है, इसके लक्षण जल्द ही सतह पर आने की उम्मीद है.

विधानसभा प्रोफाइल किच्छा
कुल मतदाता – 120020
पुरुष – 64244
महिला – 55776

भौगोलिक स्थिति
पंतनगर विश्वविद्यालय का क्षेत्र लालकुआं विधानसभा से सटा हुआ है. फुलसंगा, शिमलामलसा आदि गांव रुद्रपुर विधानसभा और धौरा बांध वाला क्षेत्र सितारगंज विधानसभा से जुड़ा हुआ है. शेष इलाका उत्तर प्रदेश के रामपुर और बरेली जिले से सटा हुआ है.

2012 विधानसभा चुनाव
विधायक राजेश शुक्ला – बीजेपी, कुल वोट – 33388
सरवर यार खान – कांग्रेस, कुल वोट – 25162
राजेश प्रताप सिंह – बसपा, कुल वोट – 8072

2017 विधानसभा चुनाव प्रत्याशी
कांग्रेस – मुख्यमंत्री हरीश रावत
बीजेपी – वर्तमान विधायक राजेश शुक्ला
बसपा – राजेश प्रताप सिंह
सपा – संजय सिंह
उत्तराखंड क्रांति दल – संजय ग्रोवर
निर्दलीय – अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद जलीस

जातीय समीकरण
मुस्लिम – करीब 36000
पंजाबी – 20000
पूर्वांचल – 10000
पर्वतीय – 5000