एकदम चोखा धंधा है विधायकी, उत्तराखंड के नेताओं ने पांच साल में कमाए करोड़ों रुपये

एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तराखंड में दोबारा चुनाव लड़ रहे 60 विधायकों की संपत्ति में पिछले पांच वर्षों में औसतन 1.77 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.

दिल्ली स्थित थिंक टैंक एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2012 में चुनाव लड़ने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास औसतन करीब 1.85 करोड़ रुपये की संपत्ति थी, जबकि वर्ष 2017 में उनकी औसत संपत्ति बढ़कर लगभग 3.62 करोड़ रुपये हो गई.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘उत्तराखंड में साल 2012 और 2017 में चुनाव लड़ने वाले इन 60 विधायकों की संपत्ति में औसतन 1.77 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. इनकी संपत्ति में औसतन 96 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.’

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2012 से 2017 की अवधि में बीजेपी के शैलेन्द्र मोहन सिंघल की संपत्ति में सर्वाधिक 32 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ. वहीं कांग्रेस के नव प्रभात की संपत्ति में छह करोड़ से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई.

इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत की संपत्ति में इस दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई.

बीजेपी के 29 विधायकों की संपत्ति में औसतन दो करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ वहीं कांग्रेस के 28 विधायकों की संपत्ति में एक करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई.