मोदी की चाल के दिखने लगे निशान, दुनिया में अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की बात कही थी. जिसके बाद भारत ने अपने कूटनीतिक तरीकों से पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा करने की भरपूर कोशिशें शुरू कर दीं. पीएम मोदी की उस कोशिश का परिणाम अब दिखाई भी देने लगा है. पाकिस्तान धीरे-धीरे दुनिया के अन्य देशों से दूर होता जा रहा है. भारत और अमेरीका पहले के मुकाबले काफी करीब आ चुके हैं. भारत की पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिशों में चीन भले ही खलल डाल रहा है, लेकिन उसे भी कामयाबी मिलती नहीं दिखाई दे रही है.

भारत के एक पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा कहते हैं कि भारत पाकिस्तान को अलग-थलग करे या न करे, पाकिस्तान अपने कारनामों से खुद ही अलग-थलग हो रहा है। उन्होंने कहा कि सच ये है कि सिवाय खाड़ी देशों के सभी बड़ी एयरलाइन कंपनियों की उड़ानें पाकिस्तान को नहीं जातीं. क्रिकेट खेलने वाले देशों की टीमें पाकिस्तान का दौरा नहीं करतीं और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पाकिस्तान नहीं जाते. राजीव डोगरा कहते हैं कि 90 के दशक में पाकिस्तान एक आतंकवादी देश घोषित होते होते बचा था. लेकिन अब एक बार फिर ऐसा माहौल बन रहा है कि दुनिया मजबूर होकर पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित कर दे.

भारत को लेकर ट्रंप के इरादे शुरू से ही दोस्ताना रहे हैं. ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही सात मुस्लिम देशों के लोगों का अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया. इन देशों में इराक, सीरिया, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं. ट्रंप को अपने फैसले के कारण काफी विरोध भी झेलना पड़ा. हालांकि फेडरल कोर्ट ने ट्रंप के आदेश पर रोक लगा दी है. लेकिन, मुस्लिम देशों के खिलाफ उनके आक्रामक रवैये से पाकिस्तान प्रभावित है.

ईरान का पाकिस्तान पर हमला
28-29 सितंबर को भारतीय सैनिकों द्वारा पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के समय ईरान ने भी पाकिस्तान पर प्रहार किया. उसी समय पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर ईरान ने मोर्टार दागे. ईरान के बॉर्डर गार्ड्स ने सरहद पार से बलूचिस्तान में तीन मोर्टार दागे.

कुवैत का वीजा देने से इनकार
अमेरिका की राह पर चलते हुए कुवैत ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अलावा तीन और देशों सीरिया, इराक और ईरान से आने वाले लोगों पर बैन लगा दिया. अमेरिका के बाद कुवैत द्वारा इस्लामिक देशों पर बैन लगाना धार्मिक कट्टरता के नाम पर हो रही आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

सउदी अरब ने 39 हजार पाक नागरिकों को निकाला
सउदी अरब ने बीते चार महीने में पाकिस्तान के 39 हजार नागरिकों को वापस भेज दिया है. सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सउदी सरकार ने अपनी जांच में पाक नागरिकों को वापस भेजने के पीछे काम और आवास नियमों का उल्लंघन बताया है. साथ ही यह भी बताया कि कुछ पाक नागरिक आतंकी गतिविधियों में लिप्त है, जो समाज और जनता के लिए चिंता की बात है.