बीजेपी को उत्तराखंड के स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा नहीं, खामियाजा भुगतना पड़ेगा : कांग्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगे कर उत्तराखंड का विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए भाजपा की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि बिहार में इस गलती का खामियाजा भुगतने के बावजूद वह फिर इसी भूल को दोहरा रही है.

उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अस्थायी राजधानी देहरादून में पार्टी का प्रचार करने आए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मनीष तिवारी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय नेतृत्व को आगे कर यह चुनाव लड़ रही है, लेकिन ऐसा करके भी वह जनता को बरगला नहीं पाएगी.

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों की अगुवाई प्रदेश नेतृत्व को करना चाहिए, लेकिन बीजेपी को अपने स्थानीय नेतृत्व और नेताओं पर कोई विश्वास ही नहीं है और इसीलिए वह प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रीय नेतृत्व को आगे कर लड़ाई जीतने का प्रयास कर रहे हैं.

इस संबंध में तिवारी ने तंज किया कि बीजेपी को चुनाव से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि सब काम छोड़कर प्रचार में लगे प्रधानमंत्री या उसके अध्यक्ष अमित शाह या केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली या नितिन गडकरी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनेंगे.

हालांकि, कांग्रेस नेता ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व को आगे कर चुनाव जीतने की बीजेपी की मंशा कभी पूरी नहीं होगी और उसका फिर वही हश्र होगा जो दो साल पहले बिहार विधानसभा चुनावों में हुआ था.

तिवारी ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में लड़े जा रहे पांच राज्यों के चुनाव नतीजे यह तय कर देंगे कि वर्ष 2019 में भारत किस ओर जाएगा.

तिवारी ने दावा किया कि बीजेपी उत्तराखंड की चुनाव वैतरणी उस राष्ट्रीय नेतृत्व के सहारे पार करना चाहती है जो अपने 31 महीने के कार्यकाल में हर मोर्चे पर विफल रही है. उन्होंने कहा, ‘किसी भी सरकार का मूल्यांकन सांप्रदायिक सौहार्द, स्थिरता, आर्थिक विकास, आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य जैसे पांच बिंदुओं के आधार पर किया जाता है और इन पांचों पर पूरी तरह से विफल रही है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने न केवल उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में निर्वाचित कांग्रेस सरकारों को गिराकर संघीय ढ़ांचे पर प्रहार किया बल्कि पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर ढेरों कलाबाजियां खाकर और यू टर्न लेकर यह साबित कर दिया कि भारत के हुक्मरानों को कूटनीति और राष्ट्रनीति दोनों का ज्ञान नहीं है.

उन्होंने नोटबंदी के फैसले को भी गलत बताते हुए कहा कि 124 करोड़ भारतीयों को तकलीफ देने वाली मोदी सरकार यह नहीं बता पा रही है कि इसका लाभ क्या हुआ.

बीजेपी पर झूठे वादे कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाते हुए तिवारी ने प्रदेश की जनता से उससे सावधान रहने को कहा और अपील की कि 2017 में वह प्रदेश की कांग्रेस सरकार को दोबारा सत्ता में लाए.

तीन साल के कार्यकाल में ही प्रदेश की दिशा निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रशंसा करते हुए कांग्रेस नेता ने उनके द्वारा शुरू किए गए कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जनता को रावत और कांग्रेस को दोबारा पूरे पांच साल तक के लिए सत्ता में लाने का आग्रह किया.