उत्तराखंड में चोटियों पर भारी हिमपात, बिजली गिरने से दो की मौत

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है. रविवार को चारों धामों समेत कुमाऊं के धारचूला, मुनस्यारी और बागेश्वर जिले की चोटियों पर शुरू हुआ बर्फबारी का सिलसिला शाम तक जारी रहा. इससे निचले इलाकों में ठंड बढ़ गई है.

वहीं, अल्मोड़ा और दिनेशपुर में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. रविवार शाम अल्मोड़ा में छावनी क्षेत्र के वीडोज फैमिली लाइन निवासी दिनेश गुरुंग (47) मोबाइल फोन पर बात करते हुए घर के बाहर लकड़ी लेने आया था. इसी दौरान वह बिजली गिरने से झुलस गया. पड़ोसी उसे बेस अस्पताल ले गए, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. वह निजी स्कूल की बस में हेल्पर था.

वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले के दिनेशपुर क्षेत्र के गांव चंदीपुर में दुलाल मंडल (42) पुत्र संन्यासी मंडल बारिश में बाजार से घर लौट रहा था. इसी दौरान बिजली गिरने से वह झुलस गया. लोग उसे रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मुनस्यारी में रविवार का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. मुनस्यारी के पास पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, छिपलाकेदार में सुबह से लगातार हिमपात हो रहा है. धारचूला तहसील में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लगातार हिमपात हो रहा है. गुंजी और कुटी में रविवार सुबह जमकर हिमपात हुआ.

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात होगा. बादल छाने से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी.

अल्मोड़ा में बादल छाए रहने से ठंड रही. जिले की ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई. बागेश्वर में भी हल्की बूंदाबांदी हुई और चोटियों पर हिमपात हुआ. बागेश्वर के ऊंचाई वाले बदियाकोट, खाती, बाछम आदि ग्रामीण क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. चंपावत में भी देर शाम बारिश हुई.

रविवार को चंपावत का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस था. नैनीताल में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे. शाम सवा चार बजे से गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई. करीब पौन घंटे हुई बारिश से नगर में बढ़ गई है. रविवार को यहां का अधिकतम तापमान 15.5 तथा न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि बारिश 1.5 मिलीमीटर हुई. इधर हल्द्वानी में भी देर शाम झमाझम बारिश से इजाफा हो गई.

केदारनाथ में तड़के से हल्की बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो सात बजे से तेज हो गई. शाम छह बजे तक धाम में साढ़े तीन फीट नई बर्फ जम चुकी है. पूरे दिन केदारनाथ में तापमान माइनस में रहा. अधिकतम तापमान माइनस दो और न्यूनतम माइनस आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

उधर, तुंगनाथ, मद्महेश्वर, हरियाली डांडा सहित चोपता, दुगलबिट्टा, मक्कू, चौमासी, तोषी आदि क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है. बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में करीब एक-एक फुट ताजी बर्फ जम गई है. औली में दोपहर बाद से बर्फबारी शुरू हुई. शाम पांच बजे तक बर्फ टावर नंबर आठ तक जम चुकी थी. उत्तरकाशी जिले में रविवार को निचले इलाकों में पूरे दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही. गंगोत्री और यमुनोत्री घाटी में बर्फबारी का दौर जारी है.

गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में शनिवार रात से बर्फबारी जारी है. बदरीनाथ हाईवे अभी भी हनुमान चट्टी से देश के अंतिम गांव माणा तक बर्फबारी के कारण बंद पड़ा हुआ है. नीती घाटी में मलारी से आगे जोशीमठ-मलारी सड़क पर भी बर्फ जमने से सेना के वाहनों की आवाजाही प्रभावित है.