‘केंद्र से मिले धन का उपयोग ही नहीं कर पायी हरीश रावत सरकार, सिर्फ नारेबाजी की’

केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने रविवार को उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार पर राज्य में विकास की बजाय घोटाले करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र द्वारा आवंटित धन तथा उसके द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने के स्थान पर वह सिर्फ नारेबाजी में ही लगी रही.

उत्तराखंड में 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी का प्रचार करने पहुंचे राधा मोहन सिंह ने अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि साल 2014-15 में राष्टीय कृषि विकास योजना के लिए राज्य को दिए गए 36.74 करोड रुपये में से राज्य सरकार 10 करोड़ रुपये खर्च नहीं कर पायी, जबकि साल 2016-17 में राज्य के पास उपलब्ध 54.4 करोड रुपये की राशि में से अब तक केवल 15 करोड़ रुपये ही व्यय हो पाए.

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार राष्टीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जारी राशि के खर्च का ब्यौरा भी वह पिछले दो सालों में उपलब्ध नहीं करा पायी तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा उसके संबंधित अन्य कार्यों के लिये राज्य को पिछले दो सालों में आवंटित राशि न तो यह सरकार खर्च कर पायी और न ही उसकी कोई प्रगति रिपोर्ट ही भारत सरकार को भेजी.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बागवानी मिशन के अन्तर्गत दी गई राशि भी उत्तराखंड सरकार खर्च नहीं कर पायी जबकि पहाडी राज्यों में बागवानी किसानों की आमदनी का मुख्य साधन है.

देश के 50 बड़े जिलों में केंद्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत वित्त पोषित कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने का जिक्र करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में इनकी स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार को कई पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार ने इस संबंध में कुछ भी नहीं किया.

मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्य सरकार द्वारा केंद्र से धन न मिलने के आरोप लगाए जाने के संबंध में राधा मोहन सिंह ने कहा कि 13वें वित्त आयोग में केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में राज्य को 16,709 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मोदी सरकार के आने पर 14वें वित्त आयोग में उत्तराखंड को 43,441 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे. उन्होंने कहा कि यदि एक वर्ष का ही हिसाब देखें तो 2013-14 में 3643 करोड़ रुपये और 2015-16 में 5807 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुए.

इसी प्रकार, उन्होंने कहा कि राज्य आपदा कोष में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा 2010-15 के पांच सालों में उत्तराखंड को 520.79 करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि उसकी तुलना में मोदी सरकार के समय में वर्ष 2015-16 के दारान 1159 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘रावत सरकार सिर्फ केंद्र के खिलाफ नारे लगाने में व्यस्त रही. उसने निष्ठा के साथ विकास का काम नहीं किया. यह सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी हुई थी.’ राधा मोहन सिंह ने कहा कि रावत सरकार के कार्यकाल में हुए कथित खनन घोटाला, शराब घोटाला, राशन घोटाला आदि को जनता अच्छी तरह समझ चुकी है और 15 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे सत्ता से बाहर कर उसे करारा जवाब देगी.