हे राम! चुनाव जीतने के लिए कैसे-कैसे दांव खेल रहे नेता, जानकर चौंक जाएंगे आप

चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी साम, दाम, दंड, भेद सहित सारे दांव अपनाते हैं. एक गुप्त दांव ऐसा भी खेला जा रहा है, जिससे प्रत्याशियों को मतदाताओं के बीच जाने की भी जरूरत ही नहीं है.

प्रत्याशी अपनी जीत के साथ ही अपने विरोधियों की हार के लिए भी विशेष अनुष्ठान करा रहे हैं. इसके लिए बाहर से विशेषज्ञ पंडित बुलाए गए हैं. धर्मनगरी ऋषिकेश के कई मंदिरों में इन दिनों विनाशकारी यज्ञ चल रहे हैं.

विधानसभा चुनाव की आचार संहिता पिछले महीने चार जनवरी को लगी, लेकिन दावेदारों ने साल भर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं.

दोबारा जनता की अदालत में जाने के लिए अधिकांश जनप्रतिनिधियों ने कार्यकाल के पांचवें साल में सक्रियता बढ़ाई. वहीं नए दावेदारों ने भी अपने वोटर पक्के करने के लिए खूब पसीना बहाया.

बहरहाल जो दावेदार मशक्कत कर टिकट पाने में कामयाब रहे, उनका पूरा फोकस अब किसी भी तरह चुनाव जीतने पर है. वोटों के गुणा भाग के लिए रातभर बैठकों और जनसंपर्क का दौर चल रहा है.

इन सबके अलावा प्रतिद्वंद्वियों को चित करने के लिए ज्योतिष और कर्मकांड का सहारा भी लिया जा रहा है. प्रत्याशी अपनी जीत के लिए यज्ञ हवन करा रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों से पूछा जा रहा है कि प्रतिद्वंद्वी की लोकप्रियता में कैसे सेंध लगाई जाए.

विशेषज्ञ पंडितों के बताए अनुसार जीत के मार्ग में आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए विनाशकारी यज्ञ कराए जा रहे हैं. कई प्रत्याशियों ने प्रतिद्वंद्वियों को शिकस्त देने के लिए बाहर से भी विशेषज्ञ पंडित बुलाए गए हैं.

देर रात तक अलग-अलग जगहों पर अनुष्ठान कराए जा रहे हैं. इन दिनों नीलधारा क्षेत्र में गंगा किनारे देर रात तक चल रहे ऐसे यज्ञ चर्चा का विषय बने हुए हैं.