गर्व की बात | उत्तराखंड के लक्ष्य बने दुनिया के नंबर 1 जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ी

अल्मोड़ा जिले के 15 वर्षीय लक्ष्य सेन ने बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर बैडमिंटन रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल करके बड़ी कामयाबी हासिल की है. लक्ष्य की इस सफलता के बाद पूरे सोशल मीडिया पर उनको बधाई देने की होड़ मच गई है.

लक्ष्य सेन ने पिछले साल जूनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश में हुए ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट का खिताब भी जीता था. वो विश्व बैडमिंटन की जूनियर रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचने से बस एक पायदान पीछे थे. जब लक्ष्य 11 साल के थे तब से ओलिंपिक गोल्ड क्वेस्ट (ओजीक्यू) उनकी सहायता कर रहा था. इस सहायता में खास उनके लिए फीजियो और ट्रेनर उपलब्ध कराया गया था.

उत्तराखंड के अल्मोड़ा से आने वाले लक्ष्य सेन 10 साल की उम्र से बेंगलुरू स्थित 1980 के ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन प्रकाश पादुकोण की अकादमी में बैडमिंटन खेलना सीख रहे हैं.

सिंधु छठे और साइना नौवें क्रम पर (उधर सीनियर खिलाड़ियों की विश्व रैंकिंग भी जारी हो गई). महिला सिंगल्स की रैंकिंग में ओलिंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु एक बार फिर छठे स्थान पर आ गई हैं, जबकि हाल में मलेशिया मास्टर्स का खिताब जीतने वाली साइना नेहवाल नौवें पायदान पर मौजूद हैं.

पुरुषों की सिंगल्स रैंकिंग में सैयद मोदी बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले भारतीय शटलर समीर वर्मा 10 पायदान की छलांग लगाकर 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि किदांबी श्रीकांत को रैंकिंग में नुकसान हुआ और वो शीर्ष-20 से बाहर हो गए हैं.

पुरुषों की रैंकिंग में भारत की तरफ से सबसे ऊपर अजय जयराम 18वें पायदान पर कब्जा जमाए हुए हैं जबकि एचएस प्रणय 24वें पायदान पर हैं. पुरुषों की डबल्स रैंकिंग में मनु अत्री और सुमीथ रेड्डी की जोड़ी एक स्थान के नुकसान के साथ 23वें पायदान पर पहुंच गई है.

मिक्स्ड डबल्स रैंकिंग में सैयद मोदी बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली एन सिक्की रेड्डी और प्रणव जेरी चोपड़ा की जोड़ी दो स्थान के फायदे के साथ 14वें पायदान पर पहुंच गई है.