इस महीने महंगाई दर 3.41 फीसदी रही, औद्योगिक उत्पादन 5.7 फीसदी बढ़ा

देश में औद्योगिक उत्पादन पर नोटबंदी का असर नहीं पड़ा है. नवंबर में औद्योगिक उत्पादन में बीते साल की समान अवधि के मुकाबले इजाफा दर्ज किया गया है.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा औद्योगिक उत्पादन के नए अनुमान जारी किए हैं. नवंबर में औद्योगिक उत्पादन 5.7 फीसदी बढ़ा, पिछले साल समान महीने में यह 3.4 फीसदी घटा था. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (consumer price index) आधारित महंगाई दर दिसंबर में 3.41 फीसदी और नवंबर में 3.63 फीसदी रही.

कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र खनन और बिजली के क्षेत्र में काफी अच्छी तरक्की की है. अक्तूबर, 2016 के लिए आईआईपी के आंकड़ों को मामूली रूप से ऊपर की ओर संशोधित कर शून्य से नीचे 1.8 प्रतिशत कर दिया गया, पहले इसके शून्य से 1.9 प्रतिशत नीचे रहने का अनुमान लगाया गया था.

आंकड़ों में अप्रैल-नवंबर की अवधि में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है, जो एक साल पहले समान अवधि में 3.8 प्रतिशत रही थी. नवंबर, 2016 में बिजली उत्पादन 8.9 प्रतिशत बढ़ा, जो एक साल पहले समान महीने में 0.7 प्रतिशत था. खनन क्षेत्र का उत्पादन नवंबर में 3.9 प्रतिशत बढ़ा. एक साल पहले इसी महीने यह 1.7 प्रतिशत बढ़ा था.

बता दें कि जिस कीमत पर लोगों को वस्तुएं या सेवाएं हासिल होती हैं, उसे उपभोक्ता मुल्य सूचकांक यानी सीपीआई कहते हैं. इसका इस्तेमाल तनख्वाह और महंगाई भत्तों को तय करने में किया जाता है. इससे यह भी पता लगाया जाता है कि बाजार में किस चीज का दाम ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है. सीपीआई वस्तुओं की कीमत और उनकी हिस्सेदारी के आधार पर तैयार किया जाता है

औद्योगिक उत्पादन सुचकांक (आईआईपी) के तहत खास अवधि में उत्पादन की स्थिति जानी जाती है. भारत में हर महीने इस सूचकांक के आंकड़े जारी किए जाते हैं.