ऐसा रहा है सपा से निष्कासित अखिलेश यादव का अब तक का राजनीतिक सफर

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया। मुलायम ने अखिलेश यादव पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री व रामगोपाल यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

साल 2000 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले अखिलेश यादव का अब तक का सफर इस प्रकार रहा है…

26 साल में सांसद बने अखिलेश
अखिलेश यादव ने साल 2000 में उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट से पहली बार सिर्फ 26 वर्ष की उम्र में उपचुनाव जीता और लोकसभा में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान वह साल 2000 से 2001 तक खाद्य, नागरिक आपूर्ति और सार्वजनिक वितरण से संबंधी समिति के एक सदस्य भी रहे।

लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए
मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव साल 2004 में हुए आम चुनावों में दूसरी बार लोकसभा के लिए चुने गए। इस दौरान वह शहरी विकास समिति, विभिन्न विभागों के लिए कंप्यूटर के प्रावधान पर एक कमेटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर समिति और पर्यावरण एवं वन संबंधी समिति के भी सदस्य रहे।

अखिलेश ने लगाई लोकसभा चुनाव में हैट्रिक
अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में हैट्रिक लगाते हुए साल 2009 में हुए आम चुनावों में एक बार फिर जीत दर्ज की। 2009 से 2012 तक अखिलेश पर्यावरण एवं वन संबंधी समिति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर एक समिति और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर बनी जेपीसी के भी सदस्य रहे।

10 मार्च 2012 को अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का नेता चुना गया।

मुख्यमंत्री बने अखिलेश यादव
साल 2012 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जबरदस्त सफलता मिली और इसका कारण अखिलेश यादव की ही रणनीति को बताया गया। इसके बाद 15 मार्च 2012 को अखिलेश ने सिर्फ 38 साल की उम्र में राज्य के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। अखिलेश पिछले पांच साल से मुख्यमंत्री हैं।

3 मई 2012 को अखिलेश ने कन्नौज लोकसभी सीट से इस्तीफा दे दिया।

5 मई 2012 को अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बन गए।

30 दिसंबर 2016 को अखिलेश यादव को सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने पार्टी से निष्कासित कर दिया।