‘उत्तराखंड स्टोन क्रेशर नीति लागू’ मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व डीएम नैनीताल जवाब तलब – HC

नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने उत्तराखंड की स्टोन क्रेशर नीति लागू करने के मामले में सचिव औद्योगिक विकास, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा डीएम नैनीताल से तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

मामले के अनुसार बीएस मठपाल व हिमालयन संस्था के अध्यक्ष मयंक जोशी ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने नवम्बर 2016 में स्टोनक्रेशर मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिये स्टोन क्रेशर नीति में बदलाव किया है। जिसके तहत आबादी व वन क्षेत्र में स्टोन क्रेशर खुलने लगे है जिससे पर्यावरण व जन स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

इससे पूर्व 2010 में हाई कोर्ट ने विशेष समिति की राय के अनुसार स्टोन क्रेशर स्थापित करने के लिये मानक तय किये थे। लेकिन राज्य सरकार ने इन मानकों को पालन नहीं कर नई स्टोन क्रेशर नीति जारी की है। इससे पर्यावरण व जन स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति सुधांशु धुलिया की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई।

(खबर: यू एस सिजवाली, भवाली)