झारखंड: लालमटिया कोयला खदान में हादसा, आठ मजदूरों की मौत

झारखंड के गोड्डा की राजमहल परियोजना में गुरुवार की देर शाम खदान धंसने से हुई दुर्घटना में शुक्रवार की सुबह तक नौ कामगारों के शव निकाले गए हैं. अब भी करीब दो दर्जन लोगों के दबे होने की आशंका है. झारखंड सरकार द्वारा मुआवजे के ऐलान के बाद ईसीएल कंपनी ने मृतकों के परिजनों को पांच लाख मुआवजा देने का ऐलान किया है. खदान हादसे में प्रभावित परिवारों को झारखंड सरकार ने दो लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है, वहीं घायलों को 25 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.

खदान में खनन कार्यकरने वाले वाहन और मशीनों को भी निकाला जा रहा है. अब तक सात ऐसी मशीन-वाहन निकाला गया है. अब तक सात ट्रिपर और तीन एक्सक्लेटर निकाले गए हैं. ट्रिपर और एक्सक्लेटर ही वे लोग ड्राइव कर रहे थे, जिनकी मौत हुई है. दुर्घटना गुरुवार की शाम करीब 7.10 बजे हुई थी. ईस्टर्न कोल्ड फील्ड लिमिटेड के तकनीकी निदेशक बीएन शुक्ला ने बताया कि अब तक आठ शव निकाले गए हैं. खदान ढाई सौ वर्ग मीटर क्षेत्र में धंसी है. झारखंड के लालमटिया कोयला खदान में भीषण हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई है. पीएम ने हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना जताई.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने खदान दुर्घटना पर दुख जताया है. उन्होंने उपायुक्त से फोन पर बात कर राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चलाने के निर्देश दिए. साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को घटना स्थल पर रहने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री स्वयं मामले पर नज़र बनाये हुए हैं. कोयला और ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वो खुद खदान हादसे पर नजर बनाए हुए हैं. हादसे की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी झारखंड के सीएम रघुबर दास से लालमटिया हादसे को लेकर फोन पर बात की.

बीती रात 8 बजे हुए इस हादसे में करीब 35 डम्पर और 100 के करीब मजदूर फंस गए थे. घटनास्थल पर सेंट्रल माइनिंग डिजाइन इंस्टीट्यूट, रांची तथा राष्ट्रीय आपदा राहत बल की टीम पटना से पहुंची है. कल रात भूधंसान होने से बिजली के खंभे भी ध्वस्त हो गए थे, जिससे चारों ओर अंधेरा फैला था. वास्तविक राहत व बचाव सुबह नौ बजे के बाद ही शुरू हो सका है. मरने वालों में नागेश्वर पासवान, बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है. पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी वहां कैम्प कर रहे हैं. पश्चिमबंगाल से भी राहत व बचाव की टीम पहुंची है.

अब तक जिनके शव की पहचान हुई है

– नागेश्वर पासवान,मुजफ्फरपुर, बिहार
– राजेंद्र यादव, सिवान, बिहार
– हरेकृष्ण यादव, सिवान, बिहार
– बृजेश यादव, जितवारा, यूपी
-जावेद अख्तर, गढ़वा, झारखंड

गोड्डा जिले में स्थित लालमटिया खदान में बीती रात ये हादसा हुआ. सीआइएसएफ के अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात संतरी सुरक्षित है, वहीं एनडीआरएफ की टीम पटना से गोड्डा के लिए रवाना कर दी गई है. इसीएल मुख्यालय से सीआइएसएफ के दो इंस्पेक्टर और 21 कॉन्सटेबल को मौके पर रवाना कर दिया गया है.

सीएमडी ईसीएल और डब्ल्यूसीएल राजीव रंजन मिश्रा ने बताया कि रूल्स के हिसाब से 1 व्यक्ति प्रति उपकरण अंदर जाता है. इसलिए 2 डम्पर घटना के समय मौजूद है तो अंदाजे के मुताबिक फंसे लोगों की संख्या 7 से कम होगी. उन्होंने आगे कहा कि घटना के समय खनन स्थल पर 3 एक्सकेवटर्स और 7 डम्पर मौजूद थे. जबकि हादसे में दो डम्पर फंस गए हैं.

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय से फोन पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बातचीत की और बचाव कार्य तेज करने का आदेश दिया.