नोटबंदी ‘संगठित लूट’ नहीं, मनमोहन सिंह के राज में यूपीए शासन के दौरान हुआ यह काम : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी पर संसद में अपने भाषण में ‘संगठित लूट’ का जो संदर्भ दिया था, वह उनकी ही सरकार के संदर्भ में किया जाना चाहिए.

पीएम मोदी ने इंडिया टुडे को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘जहां तक मनमोहन सिंह जी की बात है, तो यह बेहद दिलचस्प है कि एक नेता जिन्होंने लगभग 45 वर्षों तक देश की अर्थव्यवस्था को राह दी, उनके मुंह से यह बात निकली है कि यह ‘लंबे समय तक याद रहने वाली कुव्यवस्था’ है.’

उन्होंने कहा, ‘अपने भाषण में उन्होंने संगठित लूट का जो संदर्भ दिया है, वह शायद उनके कार्यकाल में घोटालों की कड़ी के संदर्भ में था. कोयला घोटाला से 2जी और कॉमनवेल्थ घोटाला. वहीं, नोटबंदी भ्रष्टाचारियों द्वारा की जा रही लूट को जब्त करने के लिए एक अप्रत्याशित कदम है.’

राज्यसभा में नोटबंदी के मुद्दे पर एक चर्चा में हिस्सा लेते हुए मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को ‘हमेशा याद रहने वाली नाकामयाबी’, संगठित लूट का मामला तथा कानूनी गलती करार दिया था.

नोटबंदी पर राज्यसभा में शुरू हुई चर्चा हंगामे के कारण पूरी नहीं हो सकी और शीतकालीन सत्र पूरी तरह हंगामे की भेंट चढ़ गया. मोदी ने बीते आठ नवंबर को 500 रुपये तथा 1000 रुपये को अमान्य घोषित कर दिया था.