‘स्टिंग ऑपरेशन’ मामले में मुख्यमंत्री हरीश रावत को हाईकोर्ट से झटका

मुख्यमंत्री हरीश रावत को स्टिंग मामले की सीबीआई जांच की सुनवाई 7 जनवरी से पहले कराने की मांग पर फिर से हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हरीश रावत की ओर से मामले की सुनवाई 7 जनवरी से पहले करने की मांग की गई है.

मुख्यमंत्री की ओर से नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में अर्जेंसी एप्लीकेशन दाखिल कर सीबीआई जांच मामले की सुनवाई तय तारीख से पहले करने की मांग की गई. सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील संदीप टंडन ने इसका पुरजोर विरोध किया.

सीबीआई के अधिवक्ता ने कहा कि 23 दिसम्बर को ही ये तय हो चुका है कि अब अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी तो फिर अर्जेंसी कैसे बनती है. सीबीआई के वकील ने यह भी कहा कि 26 दिसंबर को पूछताछ के लिए सीबीआई ने मुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाया था, लेकिन वे नहीं गए.

सीएम हरीश रावत की ओर से कोर्ट को दिए गए शपथपत्र का भी हवाला दिया गया, जिसमें जांच में सहयोग करने की बात कही गई है. वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता हरक सिंह रावत के अधिवक्ता विकास बहुगुणा ने भी विरोध किया और कहा कि सीनियर एडवोकेट तय तारीख से पहले नहीं आ सकते.

सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई पहले से तय तारीख 7 जनवरी को ही होगी.