विपिन त्रिपाठी इंस्टीट्यूट में जारी रहेगी भर्ती प्रक्रिया, परिणाम कोर्ट के आदेश पर

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने विपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट द्वाराहाट जिला अल्मोड़ा में सीधी भर्ती द्वारा पदों को भरे जाने वाले विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद विज्ञापन के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने का आदेश देते हुए चयन प्रक्रिया के परिणामों पर रोक लगा दी है।

कहा है कि बिना कोर्ट की अनुमति के परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे. न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति सुधांशु घुलिया की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई. द्वाराहाट निवासी भावना खुल्बे व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह विपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट द्वाराहाट में विगत पांच वर्षों से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं तथा स्वयं को स्थायी घोषित करने के लिए अर्जी दी की थी। लेकिन संस्थान द्वारा सीधी भर्ती से 47 पदों में नियुक्त के लिए विज्ञापन जारी किया गया है.

याचिकाकर्ता को कहना था कि विज्ञापन में उल्लेखित पदों पर गलत रूप से आरक्षण दर्शाया गया है तथा वास्तविक अभ्यर्थियों को वंचित करने तथा उन्हें सेवा से बाहर करने के लिए यह प्रक्रिया की है. याचिका में कहा गया कि सीधी भर्ती के पद जो कंप्यूटर एप्लीकेशन के लिए ओबीसी के लिए आरक्षित था. उसे बगैर उचित प्रक्रिया के मनमाने तरीके से एक व्यक्ति को सीधे नियुक्ति दे दी गई.

याचिका में कहा गया है कि 14 दिसंबर 2016 के नियमितिकरण के लिए पात्रता अवधि 31 दिसम्बर 2011 कर पांच साल की निरंतर सेवा के जाने के फलस्वरूप याचीगण जिन्हें पांच वर्ष हो गए हैं वे नियमितीकरण का अधिकार रखते हैं. संस्थान की ओर से कहा गया कि याचीगण संविदा के आधार पर रखे गए थे, उनका कोई अधिकार विज्ञप्ति पदों पर नहीं है और न ही उनके द्वारा सीधी भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन किया है.

– Us Sizwalee