अग्नि-5 मिसाइल के परीक्षण के बाद अब अग्नि-6 की तैयारी

परमाणु हथियार से लैस बलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 के सफल परीक्षण के बाद भारत अब मिसाइल क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग की तैयारी में है. अग्नि-5 के बाद भारत अग्नि-6 पर भी काम कर रहा है. यह मिसाइल कई हथियार एकसाथ ले जाने में सक्षम होगा और दुश्मन के डिफेंस सिस्टम यानी MIRVs (मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री वीइकल्स) को मात देने के लिए तकनीकी रूप से चालाक होगा.

MIRV का मतलब किसी एक मिसाइल के कई न्यूक्लियर हथियार ले जाने की क्षमता से है. ये हथियार अलग-अलग टारगेट को हिट करने के लिए प्रोग्राम होते हैं. भारत दुनिया की बड़ी मिसाइल शक्तियों में पहले ही शामिल है. अग्नि-6 के पूरी तरह से वजूद में आने के बाद यह ताकत और बढ़ जाएगी.

अग्नि5 का सफल परीक्षण

गौरतलब है कि सोमवार को भारत ने अपनी परमाणु शक्ति में और इजाफा करते हुए बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का ओडिशा के एक द्वीप पर सफल परीक्षण किया था. इस परीक्षण के सफल होने के साथ ही अग्नि-5 मिसाइल को भारत के परमाणु बेड़े में शामिल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है. कुछ और परीक्षणों के बाद इसे स्ट्रैटिजिक फोर्सेस कमांड (SFC) में शामिल कर लिया जाएगा. परमाणु क्षमता वाली अग्नि-5 मिसाइल 5,000 किलोमीटर की दूरी तक वार कर सकता है. इसकी पहुंच चीन के सुदूर उत्तरी क्षेत्रों, यूरोप और अफ्रीका तक है.