1 जनवरी 2017 से रेल दुर्घटना में पीड़ितों को मिलेगा दोगुना मुआवजा

भारतीय रेलवे ने करीब 19 साल बाद रेल दुर्घटना पीड़ितों के मुआवजे को दोगुना करने का फैसला किया है. रेल दुर्घटना में मरने वाले लोगों के परिवार और घायलों को दिया जाने वाला मुआवजा अब दोगुना हो जाएगा. मुआवजे का नया नियम 1 जनवरी 2017 से लागू होगा.

नए नियम के तहत रेल दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को 4 लाख की बजाय 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. इसमें वे यात्री भी शामिल होंगे जो दुर्घटना में हाथ, पांव आंख आदि गंवा ही चुके हों. साथ ही किसी गंभीर चोट के कारण दिव्यांग भी हो गए हों, तो उन्हें भी यह राशि दी जाएगी. इसके अलावा 34 अन्य प्रकार की चोट के लिए भी मुआवजा दोगुना कर 7.2 लाख रुपये तक किया गया है.

1990, में संशोधन किया गया है. इसके पहले नियम में वर्ष 1997 में संशोधन किया गया था. हाल में ही बाम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार को रेल दुर्घटनाओं के लिए दी जाने वाली हर्जाने की राशि को बढ़ाना जरूरी है. इसके बाद ही यह कदम उठाया गया है.

रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि यह सुविधा कंफर्म, आरएसी तथा वेट-लिस्ट टिकट रखने वाले सभी श्रेणी के यात्रियों को मिलेगी. योजना के तहत यात्रियों को उनके नामित-कानूनी उत्तराधिकारी को मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर 10 लाख रुपये का मुआवजा, आंशिक विकलांगता पर 7.5 लाख रुपये, अस्पताल के खर्चे के लिए 2 लाख रुपये, 10 हजार रुपये ट्रेन दुर्घटना स्थल से शव ले जाने के लिए मिलेंगे.