पहले की सरकारों ने जरूरी फैसले लिए होते तो आज लोगों को तकलीफ नहीं होती : पीएम मोदी

नोटबंदी का विरोध करने पर कांग्रेस पर परोक्ष हमला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि यदि जरूरी फैसले पहले ही ले लिए गए होते तो बेनामी संपत्तियों के ‘पाप’ नहीं हुए होते और लोग कतार में नहीं खड़े होते.

पुणे मेट्रो के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा, ‘साल 1988 में संसद ने बेनामी संपत्ति कानून पारित किया, लेकिन यह न तो कभी अधिसूचित हुआ और न ही लागू हुआ. फाइलों की ढेर में दस्तावेज कहीं गुम हो गए. उन्हें मैंने फिर से खोला. यदि कानून लागू किया गया होता तो बेनामी संपत्तियों के पाप नहीं हुए होते.’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘क्या मुझे हालात वैसे का वैसा ही रहने देना चाहिए था या इसे बदलना चाहिए? जो गलत हुआ, उसे ठीक किया जाना चाहिए कि नहीं? यदि ये फैसले सालों पहले लिए गए होते तो मुझे लोगों को कतार में खड़ा नहीं कराना पड़ता. मैंने यह कदम इसलिए उठाया, क्योंकि मैंने देश को बचाने का वादा किया.’ पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि काला धन रखने वालों को बेदाग सामने आना चाहिए, वरना उन्हें खुद को बचाने का कोई मौका नहीं मिलेगा.

उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों ने सोचा कि सभी सरकारें एक जैसी होती हैं और मेरी सरकार भी कुछ अलग नहीं करेगी. उन्होंने सोचा कि वे अपने काले धन को बैंकों में जमा कर देंगे और उसे सफेद कर लेंगे. धन तो सफेद नहीं हुआ, लेकिन उनके चेहरे काले जरूर पड़ गए.’

मोदी ने कहा, ‘अब भी वक्त है जिसमें कानून आपकी मदद कर सकता है. सही रास्ते पर आएं और चैन की नींद सोएं. यदि नहीं, तो मैं नहीं सोऊंगा. मैंने बड़े जिगर के साथ भ्रष्टाचार, काला धन, आतंकवाद, नक्सलवाद के खिलाफ यह लड़ाई शुरू की है.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के फैसले के कारण शहरी निकायों की आय 200-300 फीसदी तक बढ़ गई है और कभी नियम तोड़ने वाले अब कतारों में खड़े हैं.