अन्ना ने लिखी केजरीवाल को चिट्ठी, वादों से लेकर चंदे तक कई मुद्दों पर लगाई फटकार

भ्रष्टाचार के विरोध में अभियान चलाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने दानदाताओं की सूची सार्वजनिक करने का अपना वादा पूरा नहीं करने पर शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) की कड़ी आलोचना की. हजारे ने ऐसे समय में आप की आलोचना की है जब पार्टी कांग्रेस और बीजेपी से उनके धनस्रोत को लेकर सवाल कर रही है.

केजरीवाल को 23 दिसंबर को भेजे पत्र में अन्ना नाम से लोकप्रिय और AAP के लिए पितातुल्य समझे जाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर प्रहार किया और कहा कि यदि व्यवस्था में परिवर्तन लाना है तो नेतृत्व को कथनी एवं करनी में फर्क नहीं रखना चाहिए.

भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम छेड़ने वाले हजारे ने कहा, ‘देश एवं समाज की बेहतरी के लिए मैंने महाराष्ट्र में लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को एकतरफ रख दिया और बिना किसी स्वार्थ के आपको समय दिया और देश के लिए बड़ा सपना देखा. लेकिन मेरा सपना बिखर गया.’

उन्होंने आप के निलंबित सदस्य अमेरिका में कार्यरत डॉक्टर मुनीष रायजादा के इस पत्र का हवाला दिया कि पार्टी के दानदाताओं के रिकॉर्ड जून, 2016 से उसकी वेबसाइट से गायब हो गए हैं. रायजादा ने शनिवार को राजघाट पर ‘चंदा नहीं सत्याग्रह’ भी शुरू किया.

उधर आप के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राघव चड्ढा ने दावा किया कि हजारे को इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता गुमराह कर रहे हैं और बीजेपी उसके दानदाताओं को धमकाने के लिए सरकारी एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल कर रही है.

केजरीवाल की ओर से चड्ढा ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी के दानदाताओं के मुद्दे पर पाकसाफ होकर सामने आने तथा जंतर-मंतर पर इस पर बहस करने की चुनौती दी. हजारे ने कहा, ‘आपने कई वादे किए जिनमें आप को मिलने चंदे को पार्टी की वेबसाइट पर डालना शामिल है.’

उन्होंने कहा, ‘सामाजिक बदलाव, जिसके पक्ष में हम थे, की चर्चा फीकी पड़ रही है और राजनीति एवं धन महत्वूपर्ण होते जा रहे हैं. विनम्रता की भावना भी जा रही है.’ उन्होंने कहा, ‘अन्यथा, आपने अपनी वेबसाइट से उन लोगों के नाम नहीं हटाए होते, जिन्होंने मुश्किल दौर में पार्टी को चंदा दिया.’

हजारे ने पार्टी के कामकाज को लेकर भी नाराजगी प्रकट की. उन्होंने कहा कि अन्य दल लोगों से चंदे स्वार्थ के लिए लेते हैं, जबकि लोग आपको बदलाव लाने के लिए चंदा देते हैं. उन्होंने कहा, ‘आपने ग्राम स्वराज पर एक पुस्तक लिखी. जिस तरह चीजें हो रही हैं… क्या यह ग्राम स्वराज का मार्ग है? यह प्रश्न मेरे सामने खड़ा है. आपकी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों के बीच क्या फर्क रह गया है?’

उन्होंने कहा, ‘आपने मुझसे और लोगों से बदलाव का वादा किया था. मुझे पीड़ा होती है क्योंकि वादा पूरा नहीं किया गया. आपने मुझसे एवं लोगों से कई ऐसे वादे किए.’ उधर आप नेता चड्ढा ने कहा कि आप एकमात्र ऐसा दल है, जिसके धनस्रोत में पारदर्शिता है, उसके 92 फीसदी चंदे नेट बैकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, चेक जैसे बैकिंग मार्गों से आते हैं.

उन्होंने दावा किया, ‘मुनीष रायजदा जैसे कांग्रेस नेता अन्ना को गुमराह कर रहे हैं और बीजेपी हमारे दानदाताओं को परेशान करने के लिए सरकारी एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल कर रही है. रायजदा कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं.’