पुलिस की डबल मर्डर की थ्योरी गलत, भाई ने ही बहन को मारकर की थी खुदकुशी

अस्थायी राजधानी देहरादून के अजंता होटल में भाई-बहन की मौत के मामले में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने गुरुवार को बहन की हत्या कर भाई के खुदकुशी करने की थ्योरी पर मुहर लगाई. मृतकों के पिता के साथ मीडिया के सामने पूरा घटनाक्रम बयां किया.

एसएसपी ने सीसीटीवी फुटेज और दो वेटरों की मदद से यह साफ किया कि कमरा अंदर से ही बंद था और डिप्रेशन में आलोक ने बहन को मारकर खुद मौत को गले लगाया है.

बाकायदा डॉक्टरों की राय के जरिए यह बताने की कोशिश कि गई कि बरामद चाकू से खुद को मारा जा सकता है. पहले डबल मर्डर करार देने और फिर आत्महत्या की कहानी से हुई फजीहत के बाद पुलिस बैकफुट पर नजर आई.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निवासी आलोक गौतम और उसकी दस वर्ष की बहन अनामिका गौतम के शव बुधवार शाम अजंता होटल के कमरे से बरामद हुए थे. पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुला होने के कारण घटना को जल्दबाजी में डबल मर्डर करार दे दिया था. देर रात डबल मर्डर की कहानी पलट गई.

पुलिस ने दावा किया कि आलोक ने बहन को मारने के बाद अपना गला चाकू से काट लिया था. डबल मर्डर के बाद बदली आत्महत्या की कहानी ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए. गुरुवार को एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने मीडिया के सामने आलोक और अनामिका के अजंता होटल में आने से लेकर पुलिस के पहुंचने की पूरी कहानी बताई.

कमरे का दरवाजा खुला होने से जांच की लाइन थोड़ी बदल गई थी. सीसीटीवी फुटेज में वेटर अमित पंवार के मास्टर की से कुछ पल के लिए कमरा खोलने की बात आई. इसके अलावा कोई भी कमरे में नहीं गया.

एसएसपी ने वेटर अमित और उसके साथी कमल भट्ट को सामने लाकर पूरा किस्सा बताया. आलोक के पिता महेंद्र गौतम ने कहा कि बेटा आलोक मां के मरने के बाद से तनाव में था. वह बराबर मां की याद आने की बात कह रहा था. दो दिन पहले उन पर भी धारदार हथियार से हमला किया था, जिससे उनके हाथ पर चोट आई थी.

उन्होंने उसे काफी समझाया भी था. बुधवार को एटीएम से नोट लाने की बात कहकर बहन के साथ निकला था. साढे बारह बजे तक उनकी बेटे से मोबाइल पर बात हुई. बाद में फोन ऑफ हो गया. एसएसपी ने बताया कि एयरफोर्स में भर्ती की बात भी आलोक ने झूठी बताई थी.

होटल के खर्च के बारे में वह एयरफोर्स से पैसे आने की बात कहता रहा. अब तक की जांच में आए तथ्यों से बहन की हत्या कर भाई के खुदकुशी करने की पुष्टि हुई है.

गमगीन पिता महेंद्र गौतम का कहना था कि गुरुवार को उन्हें चेन्नई के लिए रवाना होना था, क्योंकि 28 को आलोक ने नौकरी ज्वाइन करने की बात कही थी. उन्हें चेन्नई में शिफ्ट कर आलोक इजराइल जाने की बात कह रहा था. उनसे भी चूक हो गई, वह बेटे की मनोदशा नहीं समझ पाए. उन्हें तो दूर तक ऐसा अंदेशा नहीं था. आलोक ने झूठ क्यों बोला, उनके समझ से परे है. हालांकि, उस पर किसी तरह का दबाव भी नहीं था.

पोस्टमार्टम के बाद बेटे और बेटी के शव को लेकर पिता महेंद्र गौतम देर शाम यूपी के फतेहपुर स्थित पैतृक गांव चले गए. उनके साथ पुलिस टीम भी भेजी गई है. दोनों का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा.