विधानसभा चुनाव से पहले गोवा और पंजाब में AAP के सामने अंदरूनी बगावत की चुनौती

आम आदमी पार्टी (आप) गोवा और पंजाब में अंदरूनी बगावत से जूझ रही है. दोनों राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इन राज्यों में पार्टी के कार्यकर्ता और नेता टिकट बंटवारे और बाहरी लोगों (खास तौर पर दिल्ली नेताओं) के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं.

पार्टी पंजाब की 117 और गोवा की 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी का अहसास कराने की कोशिश कर रही है. इन राज्यों में पार्टी की तैयारी की शुरुआत अच्छी रही थी.

हालांकि, ऐसा लगता है कि अपने नेताओं और असंतुष्ट गुटों से मिल रही चुनौती के कारण इन राज्यों में पार्टी की जमीन खिसक रही है. कुछ असंतुष्ट नेता अपने उम्मीदवार पेश कर रहे हैं, जबकि बाकी प्रतिद्वंद्वी पार्टी में शामिल हो गए हैं.

आप की पंजाब इकाई से सुच्चा सिंह छोटेपुर को बाहर निकाले जाने पर राज्य में कई नेता पार्टी को अलविदा कह चुके हैं. उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड किया गया था. पार्टी को गोवा इकाई को भी टिकट आवंटन के मुद्दे पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है.

साउथ गोवा में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की 19 दिसंबर को हुई रैली से पहले बेनॉलिम विधानसभा सीट से रॉयला फर्नांडीस को उम्मीदवार बनाए जाने के खिलाफ कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. पार्टी को नॉर्थ गोवा की मपुसा विधानसभा सीट पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. इस सीट से आप ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रमाकांत खपल की बहू श्रद्धा खलप को उम्मीदवार बनाया है, जिसका विरोध हो रहा है. विरोध की वजह उम्मीदवार चुनने में पार्टी की तरफ से तय किए गए नियमों का उल्लंघन है.

हाल में पार्टी छोड़ने वाले जो परेरा ने बताया, ‘बेनॉलिम सीट पर उम्मीदवार का चुनाव आखिरी वक्त में किया गया, जबकि कार्यकर्ताओं ने किसी और शख्स को नॉमिनेट किया था. इस क्षेत्र में आर फर्नांडीस को कार्यकर्ताओं से नहीं के बराबर वोट मिले थे.’ पार्टी नियमों के मुताबिक, आम तौर पर पार्टी के किसी उम्मीदवार का चुनाव स्थानीय कार्यकर्ताओं की वोटिंग के जरिये किए जाने का प्रावधान है.

हालांकि, ज्यादातर कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी इस नियम का पालन नहीं करती है और वैसे उम्मीदवारों को नॉमिनेट किया गया है, जो राजनीतिक परिवार से आते हैं यानी पार्टी उम्मीदवार के चुनाव में अपने मेरिट के सिद्धांत का ही उल्लंघन कर रही है.

गोवा में आप की महिला इकाई की पूर्व कन्वेनर अस्मां सईद ने बताया, ‘हमसे कहा गया कि पार्टी इस तरह के उम्मीदवार का चुनाव कर रही है, मानो यह कोई लोकलुभावना ऐलान हो. मुझसे कहा गया कि मुस्लिम उम्मीदवार के तौर पर मैं वेलिम में ज्यादा वोट हासिल नहीं कर पाऊंगी. पार्टी की नजर वहां के कैथोलिक वोटों पर है.’ पंजाब में भी पार्टी के दो संस्थापक सदस्यों नवीन जेरथ और यामिनी गोमर ने हाल में इस्तीफा दे दिया था. साथ ही, उन्होंने पार्टी को जनविरोधी और उसके नेताओं को हेराफेरी करने वाला बताया.