नोटबंदी के बाद परेशानी जरूर हुई, अब भी पीएम मोदी पर लोगों का भरोसा कायम : सर्वे

8 नवंबर 2016 को रात आठ बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश एक नई व्यवस्था की तरफ बढ़ने जा रहा है. भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए देश को अब कैशलेस सिस्टम की तरफ बढ़ना होगा, और इसके लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है.

पीएम मोदी ने कहा था, काले धन पर चोट करते हुए पीएम ने कहा कि अब 500 और 1000 रुपये के नोट सिर्फ रद्दी के टुकड़े हो जाएंगे. नोटबंदी के 42 दिन बाद सी-वोटर के सर्वे में मिली जानकारी के मुताबिक लोगों का पीएम मोदी में भरोसा बरकरार है.

नोटबंदी पर पीएम ने क्या कहा था?
बड़े नोटों पर पाबंदी के साथ ही उन्होंने लोगों से समर्थन की अपील की. पीएम ने कहा कि ये फैसला कुछ समय के लिए कष्टकर होगा. लेकिन राष्ट्र निर्माण के लिए लोगों को एक साथ आना होगा. उन्होंने देश की जनता से पचास दिन मांगे और कहा कि उम्मीद है कि लोग नोटबंदी के फैसले का समर्थन करेंगे.

पीएम के इस ऐलान के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में आम लोगों को परेशानी हो रही है. 100 से ज्यादा लोग एटीएम और बैंकों के बाहर कतारों में दम तोड़ चुके हैं. पिछले 42 दिनों में हर दिन एक नया प्रयोग हो रहा है. कहीं आम लोगों को थोड़ी बहुत राहत है, तो ज्यादातर जगहों पर लोग अब भी परेशान हैं.

नोटबंदी पर सड़क से संसद तक संग्राम
नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बाद संसद का शीतकालीन सत्र बर्बाद हो गया. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा था कि उनके पास बोलने को कुछ ऐसा है कि भूकंप आ जाएगा, लेकिन राहुल गांधी संसद में कुछ खास बोलते नजर नहीं आए. लेकिन बुधवार को गुजरात में मेहसाणा की रैली में उन्होंने पीएम पर भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लगाए.

परेशानी लेकिन पीएम को समर्थन
नोटबंदी से होने वाली परेशानी की तय समय के समाप्त होने से 10 दिन पहले आए इस सर्वे में कहा गया है कि भले लोग पीएम मोदी के फैसले के साथ हैं, लेकिन अब वे मान रहे हैं कि दिक्कतें बढ़ी हैं और लोग चाहते हैं कि जल्द हालात सामान्य हों. सर्वे के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है. नोटबंदी पर साथ दे रहे लोग असुविधा से नाराज हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोगों का मानना है कि गरीबों को अमीरों की अपेक्षा अधिक नुकसान हो रहा है.

राहुल गांधी के आरोप को समर्थन नहीं
नोटबंदी के साथ-साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं. अधिकांश लोग इस आरोप को आधारहीन बता रहे हैं. सी-वोटर सर्वे के मुताबिक, 82.7 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मोदी पर लगे आरोप आधारहीन हैं. वहीं, सिर्फ 17.3 प्रतिशत लोग हैं जो इस आरोप को गंभीर मान रहे हैं. सर्वे में शहरी, अर्ध-शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों के निम्न आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और उच्च आय वर्ग के अलग-अलग उम्र के लोगों से कुछ सवाल किए गए.

कुल 57.7 प्रतिशत लोगों का यह मानना था कि वह राहुल गांधी पर भरोसा नहीं करते और उन्हें यह आरोप आधारहीन लगते हैं. जबकि 9.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें राहुल पर भरोसा भी है और मोदी पर लगाए आरोप भी सही हैं. 7.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे राहुल पर भरोसा तो करते हैं, लेकिन उनके आरोप को सही नहीं मानते. वहीं 3.9 प्रतिशत वैसे लोग थे जो राहुल पर भरोसा नहीं करते, लेकिन मोदी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप को सही मानते हैं. सर्वे 24 राज्यों के 419 लोकसभा क्षेत्रों और 897 विधानसभा क्षेत्रों में कराए गए थे.