उत्तराखंड में चीनी मिलें बनाएंगी बिजली, UJVNL ने मिलों से किया समझौता

उत्तराखंड सरकार की ऊर्जा उत्पादन कंपनी यूजेवीएनएल तथा उत्तराखंड चीनी विभाग के बीच मंगलवार को दो चीनी मिलों में गन्ने की खोई से बिजली बनाने की परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.

अस्थायी राजधानी देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सरकारी गन्ना मिलों द्वारा ऊर्जा उत्पादन हेतु की गई इस नई पहल की प्रशंसा की तथा इससे कम से कम 100 मेगावाट तक ऊर्जा उत्पादन होने की उम्मीद व्यक्त की.

हरीश रावत ने कहा कि ट्रांसमिशन नुकसान को राज्य में काफी सीमा तक नियंत्रित किया गया है तथा राज्य में घरेलू एवं कमर्शियल को सबसे सस्ती दरों पर बिजली प्रदान की जा रही है. ऊर्जा क्षेत्र की अपनी तीन उपलब्धियां को गिनाते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारी सबसे सस्ती बिजली, पूरी एवं अबाधित बिजली व गुणवतापूर्ण बिजली की आपूर्ति है.’

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि नादेही और बाजपुर चीनी मिलों में कंपनी 269 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे दोनों चीनी मिलों में आधुनिकीकरण और क्षमता का उच्चीकरण भी होगा. उन्होंने कहा कि दोनों चीनी मिलों में खोई से 38 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा.