खुशखबरी : चुनावी साल में आउटसोर्स कर्मियों को ‘हरदा’ का तोहफा

चुनावी साल में परिवहन निगम के 2968 आउटसोर्स कर्मियों की संविदा पर आने की मुराद पूरी हो गई है. वे लंबे समय से संविदा पर लाए जाने की मांग कर रहे थे. परिवहन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया. आउटसोर्स पर लगे ड्राइवर, कंडक्टर व तकनीकी कर्मचारी एक जनवरी 2014 से संविदा पर माने जाएंगे.

ज्ञात हो कि ये समस्त कर्मचारी साल 2006 में परिवहन विभाग में निजी एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्स पर तैनात किए गए थे, मगर परिवहन विभाग ने एक घपले की पुष्टि होने के बाद एजेंसी को काली सूची में डाल दिया. तब से सभी आउट सोर्स कर्मियों को परिवहन विभाग सीधा वेतन दे रहा था.

सीधे सरकार के नियंत्रण में आ जाने के बाद सभी आउटसोर्सकर्मी नियमित किए जाने की मांग करने लगे थे. लेकिन आउटसोर्सकर्मियों को नियमित किए जाने को लेकर सरकार की कोई नियमावली न होने की वजह से उनकी मांगें पूरी नहीं हो पा रही थीं. अब सरकार ने निगम के समस्त आउटसोर्स कर्मियों को संविदा पर लाने का निर्णय लिया है.

जारी शासनादेश के मुताबिक, निगम में तैनात 970 ड्राइवर, 1469 कंडक्टर तथा 529 तकनीकी कर्मियों को संविदा पर लाने को मंजूरी दे दी गई है. समस्त कर्मचारी एक जनवरी 2014 से काल्पिनक (नोशनल) रूप से परिवहन निगम में संविदा पर आ जाएंगे.

उनकी आपसी वरिष्ठता का निर्धारण परिवहन निगम में नियुक्ति की तिथि से संविदा में परिवर्तित किए जाने के आदेश जारी होने की तिथि तक उनके ड्यूटी पर उपस्थित कुल कार्य दिवसों के आधार पर निर्धारित होगी.

उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी व राज्य निगम कर्मचारी महासंघ के महासचिव रवि पचौरी ने सरकार का आभार प्रकट किया है. साथ ही सरकार से मांग की है कि सभी कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से विभागीय संविदा पर लाया जाए.