नमाज के लिए डेढ़ घंटे के अवकाश को लेकर फैसले का आधा हिस्सा ही पढ़ा गया : हरीश रावत

उत्तराखंड में जुमे की नमाज के लिए सरकारी अल्पसंख्यक कर्मचारियों को अल्पकालिक अवकाश देने के फैसले को लेकर पैदा हुए विवाद पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को कहा कि इस संबंध में लिए गए निर्णय का केवल आधा भाग ही पढ़े जाने से ऐसा हुआ.

अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाताओं द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, ‘राज्य सरकार द्वारा किए गए निर्णय का लोगों ने केवल आधा हिस्सा ही पढ़ा. हमने निर्णय लिया है कि रमजान के महीने की जुमे की नमाज के लिए यदि कोई कर्मचारी छुट्टी मांगेगा तो उसे अतिरिक्त आधे घंटे की छुट्टी दी जाएगी.’

उन्होंने कहा कि इस तरह की सुविधा दूसरे धर्मों तथा जातियों के त्योहारों तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर भी अनुरोध पर दी जाएगी.

गौरतलब है कि शनिवार देर रात मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी सेवा में कार्यरत अल्पसंख्यक कर्मियां को शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने के लिए दोपहर साढ़े 12 बजे से दो बजे तक अल्पकालिक अवकाश देने का फैसला लिए जाने पर सोशल मीडिया, बीजेपी तथा कई अन्य हिंदुवादी संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.