INDvsENG : ‘सर’ जडेजा ने दिखाया कमाल, चेन्नई टेस्ट भी जीती ‘विराट सेना’| सीरीज़ पर 4-0 से कब्ज़ा

टीम इंडिया ने चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में सीरीज के पांचवें और अंतिम मैच में इंग्लैंड को पारी और 75 रन से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर लिया. टीम इंडिया की चेन्नई टेस्ट में जीत के सितारों की बात करें इसमें करुण नायर (303*), लोकेश राहुल (199) और रवींद्र जडेजा (10 विकेट- दूसरी पारी में 7 और पहली में 3) प्रमुख रहे.

टीम इंडिया ने चौथे दिन नायर के ऐतिहासिक तिहरे शतक की मदद से इंग्लैंड पर 282 रनों की बढ़त बना ली थी, जवाब में इंग्लिश टीम 207 रन पर सिमट गई. कप्तान एलिस्टर कुक (49), कीटन जेनिंग्स (54 रन) और मोईन अली (44) ने हार टालने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जडेजा की घूमती गेंदों के आगे उनकी एक न चली. जडेजा ने कुक को सीरीज में पांचवीं बार आउट किया. एक समय इंग्लैंड का स्कोर बिना किसी नुकसान के 103 रन था, लेकिन उसने अगले 107 रन पर 10 विकेट गंवा दिए, जबकि दिन के खेल में महज नौ ओवर ही बाकी थे.

विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया हर सीरीज में नई उपलब्धियां हासिल करती जा रही है. उसने इस सीरीज में इंग्लैंड पर अब तक की सबसे बड़ी जीत (4-0) दर्ज की है. इससे पहले वह 1992-93 में मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में इंग्लैंड को 3-0 से ‘वाइटवाश’ कर चुकी है.

इंग्लैंड का विकेट पतन : 1/103 (एलिस्टर कुक- 49), 2/110 (कीटन जेनिंग्स- 54), 3/126 (जो रूट- 6), 4/129 (जॉनी बेयरस्टॉ- 1), 5/192 (मोईन अली- 44), 6/193 (बेन स्टोक्स- 23), 7/196 (लियाम डॉसन- 0), 8/200 (आदिल राशिद- 2), 9/207 (स्टुअर्ट ब्रॉड), 10/207 (जेक बॉल)

इंग्लैंड को दिन के खेल के अंतिम सत्र में ड्रॉ खेल जाने की उम्मीद रही होगी, लेकिन टीम इंडिया के बाएं हाथ के स्पिनर रवींद्र जडेजा तो पूरी तरह हावी थे. चाय से पहले ग्रेट कैच लेने के बाद उन्होंने एक बाद फिर करिश्माई गेंदबाजी की और 192 और 193 के स्कोर पर विकेट झटकते हुए अपने विकेटों की संख्या 5 कर ली. उन्होंने छठी बार पारी में पांच या अधिक विकेट लिया है. जडेजा ने चाय के बाद 44 रन पर खेल रहे मोईन अली का अहम विकेट लिया.

इसके बाद 23 रन पर खेल रहे बेन स्टोक्स को तिहरा शतक जड़ने वाले करुण नायर के हाथों कैच करा दिया. फिर लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने लियाम डॉसन को बोल्ड कर दिया. इंग्लैंड ने 196 रन पर अपना सातवां विकेट खो दिया. स्कोर में चार और जुड़े थे कि तेज गेंदबाज उमेश यादव ने आदिल राशिद को दो रन पर जडेजा के हाथों कैच करा दिया. इंग्लैंड का आठवां विकेट उमेश यादव ने लिया, जबकि अंतिम दोनों विकेट रवींद्र जडेजा ने झटके.

लंच के बाद टीम इंडिया ने दबाव बढ़ाया और स्कोर में 6 रन ही जुड़े थे कि इंग्लिश कप्तान एलिस्टर कुक एक बार फिर रवींद्र जडेजा को नहीं खेल पाए और लेग स्लिप पर खड़े लोकेश राहुल को कैच थमा बैठे. इंग्लैंड ने पहला विकेट 103 रन पर खोया. कुक उस समय 49 रन पर थे और फिफ्टी से वंचित रह गए. जमकर खेल रहे कीटन जेनिंग्स भी कुक के जाने के बाद एकाग्रता खो बैठे और जडेजा का ही शिकार बन गए. जेनिंग्स ने 54 रनों की पारी खेली.

इंग्लैंड को रूट से उम्मीदें थीं, लेकिन वह भी जडेजा का सामना नहीं कर पाए. उन्होंने जडेजा की सीधी गेंद पर स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन मिस कर गए. गेंद पैड पर लगी, टीम इंडिया ने अपील की, लेकिन अंपायर ने नकार दिया. फिर विराट ने साथियों से चर्चा के बाद रीव्यू ले लिया और फैसला उनके पक्ष में गया. रूट ने 6 रन बनाए. इंग्लैंड ने 126 रन पर तीसरा विकेट खो दिया.

लंच के बाद तो जैसे इंग्लैंड के लिए सबकुछ उल्टा हो रहा था. रवींद्र जडेजा की गेंदों पर धड़ाधड़ तीन विकेट खो देने के बाद इंग्लैंड को उनसे फील्डिंग में भी राहत नहीं मिली और उन्होंने जॉनी बेयरस्टॉ का ग्रेट कैच पकड़कर उन्हें पैवेलियन भेज दिया. बेयरस्टॉ ने ईशांत शर्मा की गेंद को लेग में फ्लिक किया, लेकिन गेंद हवा में काफी ऊपर चली गई. यह देखते ही जडेजा ने डीप मिडविकेट की ओर पीछे की तरफ दौड़ लगाते हुए कैच पकड़ लिया. चायकाल के समय इंग्‍लैंड की दूसरी पारी का स्‍कोर 167/4 रहा. मोईन 32 और स्‍टोक्‍स 13 रन पर नाबाद लौटे.

इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक (3) और कीटन जेनिंग्स (9) ने पारी को 12 रन से आगे बढ़ाया. दोनों ने सुनिश्चित किया कि पहले सत्र में कोई भी विकेट न गिरे और हुआ भी कुछ ऐसा ही. लंच तक टीम इंडिया ने सारे दांव आजमा लिए, लेकिन इंग्लैंड का कोई भी विकेट नहीं गिरा पाई. कुक और जेनिंग्स लंच के समय नाबाद रहे और इंग्लैंड ने 97 रन बना लिए.