एक जनवरी से राज्य कर्मचारियों को मिलेगा 7वें वेतन आयोग का लाभ, कांग्रेस ने किया स्वागत

आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए उन्हें नए वर्ष से सातवें वेतन आयोग का लाभ देने का फैसला किया है.

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को अस्थायी राजधानी देहरादून में बताया कि यह फैसला शनिवार देर रात मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई, राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के लाभ एक जनवरी, 2017 से मिलने लगेंगे, जबकि इस साल एक जनवरी से लागू मानी जाने वाली सिफारिशों के कारण देय एरियर का भुगतान इसके लिए प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के बाद किया जाएगा.

राज्य मंत्रिमंडल के इस फैसले से प्रदेश के ढाई लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे और राजकोष पर 3000 करोड. रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

निगमों तथा सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के लाभ देने के बारे में फैसला उनके बोर्ड लेंगे और इस संबंध में वित्त सचिव अमित नेगी को जिम्मा सौंपा गया है.

एक अन्य फैसले में, राज्य मंत्रिमंडल ने सरकारी सेवा में कार्यरत मुस्लिम अल्पसंख्यक कर्मचारियों को जुमे की नमाज के लिए दोपहर 12.30 से दो बजे तक का विशेष अवकाश देने का निर्णय किया है.

देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रोपोलिटन क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. मेट्रो के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने का काम दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन को दिए जाने को भी मंजूरी दे दी गई.

राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश में पांच साल की अनिवार्य सेवा के लिए राज्य सरकार के साथ किए बांड का उल्लंघन करने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों पर दो करोड़ रुपये और पीजी डॉक्टरों पर ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का भी फैसला किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने किया फैसले का स्वागत

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने के राज्य मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत किया है.

उपाध्याय ने इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत से राज्य कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मंजूर करने का आग्रह किया था.