अब अविवाहित महिलाओं को भी मिलेगी पेंशन, हरीश रावत

राज्य सरकार ने एकाकी महिलाओं (किन्हीं कारणों से अविवाहित रहकर जीवन व्यतीत कर रही महिलाएं) को भी पेंशन के दायरे में लाने की तैयारी कर ली है. शनिवार को सीएम आवास में आयोजित ‘लोक सुनवाई’ कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह घोषणा की. साथ ही उन्होंने भविष्य में पेंशन की राशि को एक से बढ़ाकर तीन हजार रुपये करने की भी घोषणा की. स्वयंसिद्धा व राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वह अविवाहित महिलाएं होंगी, जिनका कोई सहारा नहीं है. साथ ही बताया कि उन्होंने प्रदेश में पेंशन की राशि को दो सौ रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपये किया है. भविष्य में सरकार की तैयारी है कि इस राशि को और बढ़ाते हुए तीन हजार रुपये तक लाया जाए. राज्य महिला आयोग को एकल महिलाओं की समस्याओं को हल करने के लिए एकल महिला प्रकोष्ठ स्थापित करने के निर्देश दिए.

सामाजिक सुरक्षा की पेंशनों के लिए भी नियामक निकाय बनाने को कहा और जिला स्तर पर फोरम स्थापित करने की सलाह दी. जिससे कि लोग पेंशन न मिलने की स्थिति में यहां शिकायत दर्ज करा सकें. हाल ही में राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई उत्तराखंड जन आवास योजना में एकाकी महिलाओं को अपेक्षाकृत कम धनराशि में प्रोविजन करने पर मंथन किया जा रहा है. सामूहिक खेती के लिए यदि कोई महिला स्वयं सहायता समूह आगे आता है तो उसे राज्य सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है.

बताया कि परित्यक्ता महिलाओं को पेंशन लेने के लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है. स्वयं से ही प्रमाणित कर ऐसी महिलाएं पेंशन के लिए क्लेम कर सकती हैं. इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष प्रभावती गौड़, सचिव समाज कल्याण डॉ. भूपिंदर कौर औलख, हर्षमणि व्यास, लोकेश नवानी, तन्मय ममगाईं सहित काफी लोग मौजूद रहे.