टिहरी के इस गांव में पहली बार पहुंचेगा कोई मुख्यमंत्री, CM हरीश रावत का 22 दिसंबर को दौरा

21वीं सदी में भी आदम युग में जी रहे खतलिंग ग्लेशियर पर बसे गंगी गांव के लगभग छह सौ ग्रामीणों के लिए आगामी 22 दिसंबर कई मायनों में ऐतिहासिक पल होगा.

जिस गंगी गांव में बिजली, पानी, सड़क, संचार और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं से आज भी लोग वंचित हैं. वहां 22 दिसंबर को आजादी के बाद पहली बार कोई मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पहुंचेगा. 22 दिसंबर को गंगी में मुख्यमंत्री हरीश रावत गंगी मोटर मार्ग और अन्य विकास योजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इस गांव के लोग पहली बार हेलीकॉप्टर भी देखेंगे.

टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के सीमांत गांव गंगी के लिए 22 दिसंबर की सुबह एक नई सुबह होगी. घनसाली से 31 किमी दूर घुत्तू कस्बे से नौ किमी की दूरी पर स्थित गांव रीह तक सड़क जाती है. उसके बाद 15 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर खतलिंग ग्लेशियर पर गंगी गांव बसा है.

गंगी गांव में आज भी बिजली-पानी, संचार और अन्य मूलभूत सुविधाओं का आभाव है. छह सौ की आबादी वाले इस गांव में जाने से लोग कतराते हैं. कोई यहां पर न ही अपनी बेटी की शादी करता है और न ही कोई यहां की बेटी को बहू बनाता है. विषम हालातों में यहां पर जीवन जिया जाता है. खेती और पशुपालन से ही ग्रामीण यहां पर अपना जीवन व्यतीत करते हैं.

अब 22 दिसंबर को गंगी में पहली बार कोई मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से पहुंचेंगे. इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. 21 दिसंबर की रात डीएम इंदुधर बौड़ाई सहित पूरा प्रशासनिक अमला पैदल ही गांव पहुंच जाएगा. गांव में ही हेलीपेड बनाने के लिए प्रशासन की रेकी टीम भेज दी गई है.

22 दिसंबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत यहां पर गंगी मोटर मार्ग और जड़ी बूटी नर्सरी का शिलान्यास करेंगे. इसके अलावा यहां पर मंदिर सौंदर्यीकरण का भी शिलान्यास किया जाएगा.

टिहरी के जिलाधिकारी इंदुधर बौड़ाई के मुताबिक 22 दिसंबर को गंगी में मुख्यमंत्री हरीश रावत कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. 21 दिसंबर को ही प्रशासन की टीम गांव पहुंच जाएगी. वहीं पूर्व विधायक भीमलाल आर्य के मुताबिक इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री गंगी गांव पहुंचेगा. यह गांव के लिए ऐतिहासिक पल होगा.