मुक्केबाजी : अब तक के अपने सबसे कड़े मुकाबले में उतरेंगे विजेंदर सिंह, भिडंत आज

पेशेवर मुक्केबाजी में अपनी छाप छोड़ चुके भारतीय खिलाड़ी विजेंदर सिंह के सामने शनिवार को अभी तक की सबसे मुश्किल चुनौती होगी. वह इस बार डब्ल्यूबीओ एशिया पेसिफिक सुपर मिडिलवेट का खिताब बचाने के लिए अपने से अनुभवी तंजानिया के मुक्केबाज फ्रांसिस चेका से भिड़ेंगे.

विजेंदर ने इसी साल ऑस्ट्रेलिया के कैरी होप को मात देते हुए यह खिताब अपने नाम किया था. अब उनके सामने इसे बचाने की मुश्किल चुनौती है.

तंजानिया के चेका के पास 43 मुकाबलों का अनुभव है, जिसमें से उन्होंने 32 में जीत हासिल की है. 34 साल के चेका इस समय अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी महासंघ (आईबीएफ) की सुपर मिडिलवेट डिवीजन में मौजूदा अफ्रीकन चैम्पियन हैं.

महज 17 साल की उम्र में पेशेवर मुक्केबाजी की दुनिया में कदम रखने वाले चेका के पास 16 साल का अनुभव है.

विजेंदर ने भारतीय मुक्केबाजी इतिहास में याद रखने लायक कई कारनामे किए हैं. हरियाणा के इस खिलाड़ी ने बीजिंग ओलंपिक-2008 में भारत को मुक्केबाजी में पहला पदक दिलाया था. उनके पास शनिवार को एक और इतिहास रचने का मौका है.

विजेंदर के अलावा शनिवार को पांच अंडरकार्ड मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें प्रदीप खारकेरा (67 किलोग्राम भारवर्ग), कुलदीप धांडा (61 किलोग्राम भारवर्ग), धर्मेंद्र (91 किलोग्राम भारवर्ग), दीपक तंवर (67 किलोग्राम भारवर्ग) और राजेश कुमार (61 किलोग्राम भारवर्ग) के मुकाबले शामिल हैं.