जूनियर हॉकी विश्व कप : रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत फाइनल में

विकास दहिया ने शुक्रवार को जूनियर हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में रोमांचक मुकाबले में अपनी शानदार गोलकीपिंग का मुजाहिरा पेश करते हुए भारत को फाइनल में पहुंचा दिया.

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में खेले गए जूनियर विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान भारत ने शूट आउट में ऑस्ट्रेलिया को 4-2 से हराते हुए फाइनल में अपनी जगह बना ली है.

फुल टाइम की समाप्ति के बाद दोनों टीमों का स्कोर 2-2 से बराबर रहा. जिसके बाद शूटआउट में मैच का फैसला निकला. विकास ने इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के दो शॉट रोक उसे बैकफुट पर धकेल दिया. वहीं दूसरी तरफ मेजबान टीम ने लगातार चार शूटआउट को गोल में बदलते हुए जीत दर्ज की.

भारत के लिए शूटआउट में हरजीत सिंह, हरमनप्रीत, सुमित, मनप्रीत ने गोल दागे. ऑस्ट्रेलिया के लिए गोवर्स और जैक वेल्च ने गोल किए जबकि विकास की शानदार और चतुराई भरी गोलकीपिंग के सामने मैथ्यू बर्ड और लैचलान शार्प गोल नहीं कर पाए.

फाइनल में भारत का सामना बेल्जियम से रविवार को होना है. बेल्जियम ने पहले सेमीफाइनल में दो बार की मौजूदा विजेता जर्मनी को शूटआउट में 4-3 से मात देते हुए फाइनल का सफर तय किया.

जैसी की उम्मीद थी इस मैच में वैसा ही हुआ. दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत की. घर में खेल रही भारतीय टीम को समर्थकों से अच्छा समर्थन मिला. काफी प्रयासों के बाद दोनों टीमें शुरुआती पलों में गोल नहीं कर पाईं.

भारत और ऑस्ट्रेलिया लगातार एक दूसरे के क्षेत्र में दस्तक दे रही थीं. आखिरकार 14वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. हालांकि भारतीय डिफेंडरों ने ऑस्ट्रेलिया के शॉट को रोक दिया लेकिन टॉम क्रेग ने रिबाउंड पर गोल करते हुए अपनी टीम को एक गोल से आगे कर दिया.

पहले हाफ में ऑस्ट्रेलिया को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले और भारत को दो पेनाल्टी कॉर्नर लेकिन भारत एक को भी अपने पक्ष में बदलने में सफल नहीं रहा.

दूसरे हाफ की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया ने आक्रामण किया और दो मिनट बाद ही उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सही तरीके से गेंद को अपने पास नहीं ले पाए और बढ़त लेने के मौके को गंवा बैठे.

भारतीय टीम ने तुरंत वापसी की और आक्रमण किया. 42वें मिनट में गुरजंत सिंह ने गेंद अपने पास ली और दौड़ते हुए ऑस्ट्रेलियाई रक्षापंक्ति को भेद बेहतरीन फ्लिक मार गेंद को गोलपोस्ट में डाल स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.

भारत ने बढ़त लेने में ज्यादा देर नहीं लगाई. उसको 48वें मिनट में बढ़त मिलने का कारण मनदीप की चतुराई रही. ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने अपने बॉक्स से शॉट खेला जिसे मनदीप ने उचक कर रोक लिया और साथ खड़े खिलाड़ी को गेंद पास की. उन्होंने मौका देखते हुए मनदीप को गेंद लौटाई और उन्होंने झन्नाटेदार शॉट मारते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया. स्कोर 2-1 था और ऑआस्ट्रेलियाई खिलाड़ी सिर्फ हैरत में थे.

ऑस्ट्रेलिया को कुछ ही देर बाद पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर विकास ने बेहतरीन बचाव करते हुए मेहमानों को बराबरी करने से रोक दिया. इस पूरे टूर्नामेंट में विकास ने कई बार भारत को अहम समय पर संकट से उबारा है.

अगले ही मिनट हालांकि भारतीय रक्षापंक्ति को अपने ढीले रवैये का नुकसान उठाना पड़ा और शार्प ने 57वें मिनट में आसान गोल करते हुए टीम को बराबरी पर ला दिया.

दूसरे हाफ की समाप्ति से पांच मिनट पहले ऑस्ट्रेलिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन विकास एक बार फिर उनकी राह में रोड़ा बन गए.