सीधे बैंक खाते में मजदूरी जमा कराने के लिए लोकसभा में विधेयक पेश

मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान चैक के द्वारा करने या इस राशि को सीधे उनके बैंक खाते में जमा कराने की व्यवस्था करने के लिए गुरुवार को लोकसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया गया.

श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने सदन में ‘मजदूरी संदाय संशोधन विधेयक’ पेश किया. नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के भारी हंगामे के बीच पेश किए गए इस विधेयक के प्रावधानों में कहा गया है कि मजदूरों को उनकी सारी मजदूरी चालू सिक्कों या करेंसी नोटों या दोनों रूप में दी जाएगी.

लेकिन प्रावधान नियोजक को यह भी अधिकार प्रदान करता है कि वह कर्मचारी को उसकी लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद मजदूरी का भुगतान चैक द्वारा या उसके बैंक खाते में जमा कराके कर सकता है.

इसमें कहा गया है कि समय बदलने के साथ प्रौद्योगिकी बदल गयी है और नियोजित व्यक्तियों का एक बड़ा भाग बैंक खाते रखता है. चैक के माध्यम से मजदूरी का संदाय या उसे नियोजित व्यक्तियों के बैंक खाते में जमा कराने से यह डिजिटल और अल्प नकदी अर्थव्यवस्था के उद्देश्यों की पूर्ति करने के अलावा न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं करने संबंधी शिकायतों में भी कमी लाएगा.

विधेयक में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, केरल और हरियाणा की राज्य सरकारों ने अधिनियम में संशोधन करके इस प्रकार के उपबंध पहले ही किए हुए हैं.